पणजी : सुनंदा पुष्कर की रहस्यमय मौत की गुत्थी अबतक पुलिस सुलझा नहीं पायी है, उधर इस मामले में उनके एक मित्र ने चौंकाने वाला बयान दिया है. उनके मित्र के अनुसार, सुनंदा पुष्कर विचित्र और चौंकाने वाला व्यवहार किया करती थीं. वह यह दावा किया करती थीं कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश और तत्कालीनभारतीय प्रधानमंत्री डॉ मनोमोहन सिंह उनसे सलाह लिया करते हैं. ये बातें एक टीवी चैनल से बातचीत में उनके मित्र तेज सर्राफ ने कही है.
तेज सर्राफ खुद एक वयोवृद्ध शख्स है और जीवन के 77 बसंत देख चुके हैं. उन्हें 2013 में शशि थरूर और उनकी पत्नी सुनंदा की मेजबानी करने का अवसर मिला था. 17 जनवरी 2014 को सुनंदा रहस्यमय परिस्थितियों में मृत अवस्था में मिली थीं. उनकी मौत को पहले खुदकुशी बताया गया और इसके लिए अधिक दवा का सेवन को कारण बताया गया. पर, हाल में पुलिस ने इसकी नये सिरे से जांच शुरू की है और इस मामले को हत्या करार दिया है. हालांकि अबतक जांच में किसी संदिग्ध के नाम का खुलासा नहीं हुआ है. शशि थरूर से पुलिस इस मामले में पूछताछ कर चुकी है.
सर्राफ ने कहा कि सुनंदा गोवा के ट्रिप के दौरान ठीक नहीं थीं. इस दौरे पर वह दो बार बेहोश हो चुकी थीं. एक बार वह बोट पर भीबेहोश भी हो गयी थीं. वह ठीक से भोजन नहीं कर पाती थीं और बुरी तरह परेशान थीं. उन्होंने कहा कि सुनंदा बहुत ज्यादा मेडिसीन ले रहीं थीं. मैंने उनसे पूछा कि इतनी दवा आप क्यों खाती हैं, तो इसका कारण उन्होंने नींद नहीं आना बताया. सर्राफ के अनुसार, वह एंटी डिप्रेशन दवा अलप्रैक्स और पेनकीलर लेती थीं. सर्राफ ने कहा कि हमलोगों ने उन्हें बताया कि यह उनके लिए खतरनाक है. सर्राफ ने कहा कि पुष्कर ने उन्हें लूपस बीमारी के बारे में बताया था. उनके अनुसार, उनके बेटे ने एक डॉक्टर के बारे में सुनंदा को बताया था, लेकिन उन्होंने कोई दिलचस्पी नहीं ली थी.
इस सवाल पर कि वे इतनी देर से क्यों ये बातें साझा कर रहे हैं सर्राफ ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से लोगजिस तरह के बयान दे रहे हैं, उससे मैं डरा हुआ हूं. उन्होंने कहा कि मैंने खामोशी तोड़ने का फैसला लिया है.
