लाल किले पर दशहरा में नहीं जलाये जाएंगे पटाखे, रावण के पुतलों की ऊंचाई भी 125 फुट से घटाकर 60 फुट कर दी गयी

नयी दिल्ली : दिल्ली के लाल किला मैदान में प्रसिद्ध लवकुश रामलीला में इस बार मंगलवार को रावण दहन में नही होगी आतिशबाजी. आयोजकों ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए आतिशबाजी की परंपरा खत्म करने का कदम उठाया है. वैसे पटाखे छूटने की आवाज स्पीकर से निकाली जाएगी. लवकुश रामलीला के एक आयोजक अर्जुन […]

नयी दिल्ली : दिल्ली के लाल किला मैदान में प्रसिद्ध लवकुश रामलीला में इस बार मंगलवार को रावण दहन में नही होगी आतिशबाजी. आयोजकों ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए आतिशबाजी की परंपरा खत्म करने का कदम उठाया है.
वैसे पटाखे छूटने की आवाज स्पीकर से निकाली जाएगी. लवकुश रामलीला के एक आयोजक अर्जुन कुमार ने सोमवार को कहा, ‘‘ हम प्रदूषण के खिलाफ संदेश देना चाहते हैं. रावण का दहन तो होगा लेकिन पटाखों की आवाज स्पीकर के माध्यम से सुनायी जाएगी.” उन्होंने कहा कि रावण, उनके बेटे मेघनाथ और भाई कुंभकरण के पुतलों की ऊंचाई भी 125 फुट से घटाकर 60 फुट कर दी गयी है.

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