नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली स्थित इस्कॉन मंदिर में 800 किलो के दुनिया की सबसे बड़ी भगवद गीता का विमोचन किया. इस मौके पर पीएम मोद ने लोगों को संबोधित भी किया.
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, आज मुझे दिव्यतम ग्रंथ गीता के भव्यतम रूप को राष्ट्र को समर्पित करने का मौका मिला है. ये अवसर मेरे लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि दो दशक पहले अटल जी ने इस मंदिर परिसर का शिलान्यास किया था.
श्रीमद् भगवद गीता भारत का दुनिया को सबसे प्रेरक उपहार है. गीता पूरे विश्व की धरोहर है. गीता हजारों साल से प्रासंगिक है.वायुसेना के एयरस्ट्राइ की भी चर्चा की और कहा कि भले लोगों के लिए गीता है तो दुष्टों के लिए गोली है. उन्होंने कहा, मानवता के दुश्मनों से धरती को बचाने के लिए प्रभू की शक्ति हमारे साथ हमेशा रहती है. यही संदेश हम पूरी प्रमाणिकता के साथ दुष्टआत्माओं, असुरों को देने का प्रयास कर रहे हैं.
* क्या खास है इस भगवत गीता में
– इस भगवत गीता का वजन 800 किलो है.
– इसकी सबसे बड़ी खास बात है कि इसे खड़ा होकर पढ़ा जा सकता है.
– इस पुस्तक में 670 पृष्ठ हैं.
– 2.8 मीटर गुणा 2 मीटर आकार है गीता का.
– 700 संस्कृत के श्लोक शामिल हैं.
– 18 सुंदर चित्र पुस्तक में हैं.
– गीता के पन्नों को पलटने के लिए 4 लोगों की आवश्यकता होगी.- 2.5 साल लगे इस पुस्तक को बनाने में.
– इस पुस्तक को इटली के मिलान में वाइयूपीओ सिंथेटिक कागज पर मुद्रित किया गया है, ताकी इसे पानी से और फटने से बचाया जा सके.
