Video जब तसलीमा नसरीन- दलाई लामा यहां रह सकते हैं, तो रोहिंग्या क्यों नहीं : असदुद्दीन ओवैसी

नयी दिल्ली : रोहिंग्या मुसलमान पर आज AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपना मुंह खोला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमकर निशाने पर लिया है. उन्होंने मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तसलीमा नसरीन यहां रह सकतीं हैं, रोहिंग्या क्यों नहीं सकते. उन्होंने मोदी से सवाल किया कि अगर तसलीमा आपकी […]

नयी दिल्ली : रोहिंग्या मुसलमान पर आज AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपना मुंह खोला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमकर निशाने पर लिया है. उन्होंने मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तसलीमा नसरीन यहां रह सकतीं हैं, रोहिंग्या क्यों नहीं सकते. उन्होंने मोदी से सवाल किया कि अगर तसलीमा आपकी बहन बन सकती है, तो रोहिंग्या आपका भाई क्यों नहीं बन सकता है.

उन्होंने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि क्या यह इंसानियत है कि जिनका सब कुछ लुट गया उन्हें आप यहां से उठाकर बाहर कर दें. बीजेपी की राजनीति कह रही है कि रोहिंग्या को उठाकर बाहर करो. लेकिन क्या यह उस देश के लिए सही है, जो सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता चाहता है.

रोहिंग्या संकट के तीन सप्ताह बाद भी पलायन जारी, दागे जा रहे हैं रॉकेट लॉन्चर

ओवैसी ने कई उदाहरण देकर बताया कि जब दूसरे शरणार्थी यहां रह सकते हैं, तो रोहिंग्या क्यों नहीं. उन्होंने कहा कि चकमा शरणार्थी, तिब्बती शरणार्थी यहां रह रहे हैं, तो फिर रोहिंग्या क्यों नहीं. तिब्बती तो लाखों की संख्या में हैं, जबकि रोहिंग्या तो 16 हजार या 40 हजार हैं. तमिलनाडु में आज भी कैंपों में तमिल शरणार्थी रहते हैं. हमने दलाई लामा को यहां शरण दिया, फिर रोहिंग्या के मामले में ऐसी सोच क्यों?
गौरतलब है कि म्यांमार में जारी हिंसा की वजह से रोहिंग्या मुसलमान वहां से पलायन कर रहे हैं और दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं.

रोहिंग्या मुसलमान किसी देश की नागरिकता नहीं रखने वाला यह कौन-सा समुदाय है?

भारत में पंजीकृत 16 हजार रोहिंग्या हैं, जबकि अनुमान के अनुसार इनकी संख्या 40 हजार है, जो पंजीकृत नहीं हैं. इन्हें भारत में शरण दिया जाये या नहीं इस मसले पर विवाद है और सुप्रीम कोर्ट में 18 तारीख को इस मसले पर सुनवाई होनी है.

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