विदेशी पर्यटकों से गुलजार है कौलेश्वरी पर्वत
हंटरगंज. मां कौलेश्वरी पर्वत इन दिनों विदेशी पर्यटकों से गुलजार है. प्रतिदिन काफी संख्या में विदेशी पर्यटक कौलेश्वरी पर्वत पहुंच रहे हैं. यहां तिब्बत, नेपाल, भूटान, मलेशिया, श्रीलंका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया,
हंटरगंज. मां कौलेश्वरी पर्वत इन दिनों विदेशी पर्यटकों से गुलजार है. प्रतिदिन काफी संख्या में विदेशी पर्यटक कौलेश्वरी पर्वत पहुंच रहे हैं. यहां तिब्बत, नेपाल, भूटान, मलेशिया, श्रीलंका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन के अलावा कई बौद्धिष्ट देश के पर्यटक यहां पहुंच कर जीते जी अपना बाल व नाखून कटवा कर अंतिम संस्कार करा रहे हैं. साथ ही धर्म की किताबें पढ़ रहे हैं. डमरू पूजा कर रहे हैं. आकाशलोचन पर अपने-अपने देश का झंडा लगा रहे हैं. आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को निहार रहे हैं और अपने-अपने मोबाइल व कैमरों में यहां की तस्वीरें कैद कर रहे हैं. कौलेश्वरी पर्वत तीन धर्म सनातन, बौद्ध व व जैन का संगम है. ठंड के मौसम में हर वर्ष यहां विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं. कौलेश्वरी पर्वत चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है. आकाशलोचन से हर तरफ हरियाली नजर आती है. कौलेश्वरी पर्वत पर स्थित तालाब, जो कभी नहीं सूखता है. विदेशी पर्यटक बोधगया से 49 किमी की दूरी तय कर कौलेश्वरी पर्वत पर पहुंचते हैं.
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