रूहानी संगीतों की धुन पर झूमते रहे श्रोता

पर्यटन मंत्रालय व जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में आयोजित त्रिदिवसीय श्रीउग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.

अरुणिता के कार्यक्रम के साथ तीन दिवसीय श्रीउग्रतारा महोत्सव का समापन

महिषी. पर्यटन मंत्रालय व जिला प्रशासन के संयुक्त आयोजन में आयोजित त्रिदिवसीय श्रीउग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. वर्ष 2012 में इंडियन आइडियल की रनर रह चुकी अरुणिता के नाम लोगों की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ी, लेकिन पुलिस प्रशासन के चाक चौबंद व्यवस्था के कारण विधि व्यवस्था कायम रही. राज्य सरकार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री रत्नेश सादा व जिलाधिकारी दीपेश कुमार भी सुर संगम में गोता लगाने पहुंचे. अरुणिता ने लग जा गले से, ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें, तुझसे नाराज नहीं जिंदगी हैरान हूं मैं, रहे ना रहे हम, दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये सहित डेढ़ दर्जन से भी अधिक गानों का लगातार गायन कर अपनी क्षमता से लोगों को अचंभित किया. नन स्टॉप डेढ़ घंटे से भी अधिक समय तक एक से बढ़कर एक संगीत की धुन पर श्रोता झूमते रहे. वर्षों बाद लोग जिला प्रशासन द्वारा महोत्सव में अच्छे कलाकार को बुलाने की चर्चा व प्रशंसा करते देखे गये. अरुणिता से पूर्व आकाश वाणी कलाकार हिमांशु मोहन मिश्र दीपक ने मातृ वंदना जरा जरा जरा बोलो मेरी मां से कार्यक्रम की शुरुआत की. अवध नगरिया से अइले दुनू भैया सुन गे सजनी, यदि हरि का भजन नहीं गाओगे अंत समय पछताओगे सहित अन्य भक्ति संगीत से लोगों को मुग्ध किया. कार्यक्रम की समाप्ति पर जिलाधिकारी सहित महोत्सव आयोजन समिति के संयोजक नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा व सह संयोजिका स्नेहा झा ने कलाकारों को पाग, चादर व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया.

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