राघोपुर में एनएच 106 पर बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज चालू

अब आरओबी के चालू होने से वाहन चालकों को बिना रुके सीधे आवागमन की सुविधा मिल रही है.

– जाम से मिली बड़ी राहत राघोपुर प्रखंड क्षेत्र स्थित रेलवे ढाला के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 106 पर निर्मित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को बुधवार रात करीब 10 बजे आधिकारिक रूप से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया. लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज के शुरू होने से राघोपुर सहित आसपास के इलाकों के लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से बड़ी राहत मिली है. यह जिले का दूसरा आरओबी है, जिसे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. एनएच 106 पर स्थित रेलवे फाटक लंबे समय से आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था. ट्रेन गुजरते ही फाटक बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थी. इससे स्कूली बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती थी, मरीजों को अस्पताल ले जाने में देरी होती थी और व्यापारियों को माल ढुलाई में भारी नुकसान उठाना पड़ता था. कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाया करती थी. अब आरओबी के चालू होने से वाहन चालकों को बिना रुके सीधे आवागमन की सुविधा मिल रही है. इससे समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत में कमी आएगी. प्रदूषण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. सबसे अहम बात यह है कि रेलवे फाटक पार करने के दौरान होने वाले हादसों की आशंका भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी. एनएच डिविजन मधेपुरा के अधिकारी सतेंद्र पाठक ने बताया कि यह आरओबी भीमनगर (नेपाल सीमा) से उदाकिशुनगंज तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 106 का हिस्सा है. इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 106 किलोमीटर है. सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, जिसे अब पूर्ण कर लिया गया है. पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 675 करोड़ रुपये की लागत आई है. राघोपुर में बना यह आरओबी इसी व्यापक योजना के तहत तैयार किया गया है और इसका निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया है, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही भी सुरक्षित व सुगम रहे. स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि ओवरब्रिज के शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार को नई गति मिलेगी. नेपाल सीमा से सटे इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों की निर्बाध आवाजाही से बाजारों तक सामान समय पर पहुंचेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. साथ ही, सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों को जिला मुख्यालय व अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. हालांकि, आरओबी पर फिलहाल स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है. विभाग की ओर से इसके लिए अलग प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजे जाने की बात कही गई है. अधिकारियों के अनुसार जल्द ही लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि रात के समय भी यातायात पूरी तरह सुरक्षित रह सके.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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