Motihari : झमाझम हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिले

बीते कुछ समय से झमाझम बारिश न होने के कारण पूरे इलाके के किसान चिंतित थे.

बंजरिया. बीते कुछ समय से झमाझम बारिश न होने के कारण पूरे इलाके के किसान चिंतित थे. धान की रोपनी के बाद लगातार पानी की जरूरत होती है, लेकिन मौसम की बेरुखी ने खेतों को सूखा बना दिया था. कई जगहों पर किसानों ने निजी पंपसेट के सहारे किसी तरह धान की फसल को बचाने की कोशिश की, लेकिन डीजल और बिजली के खर्च ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी थी. रविवार सुबह से रुक रुककर हो रही झमाझम बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही. बारिश से खेतों में पानी तो नहीं भरा हैं, लेकिन धान की फसल को संजीवनी मिल गई. किसान अब पहले से ज्यादा जोश और उत्साह से खेतों में काम में जुट गए हैं. अब सबकी नजरें आगे आने वाले मौसम पर टिकी हैं, ताकि फसल सही समय पर तैयार हो और अच्छी पैदावार के साथ अच्छी आमदनी मिल सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJNIKHIL BANJRIYA

RAJNIKHIL BANJRIYA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >