औरंगाबाद शहर. अतिपिछड़ा समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर शुक्रवार को औरंगाबाद में एक महारैली निकाली गयी. गांधी मैदान से नगर भवन तक अतिपिछड़ा अधिकार मंच के बैनर तले आयोजित इस महारैली में लोग शामिल हुए. इसका नेतृत्व कुटुंबा प्रखंड प्रमुख व नवीनगर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने किया. इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नगर भवन में सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि अब तक अतिपिछड़ा समाज को उनकी जनसंख्या के अनुपात में राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. जबकि जिले की कुल आबादी में 38 प्रतिशत से अधिक लोग अतिपिछड़ा वर्ग से आते हैं. इसके बावजूद अब तक किसी भी विधानसभा क्षेत्र से इस वर्ग को टिकट नहीं दिया गया. वक्ताओं ने इसे बड़ी राजनीतिक उपेक्षा बताते हुए चेतावनी दी कि यदि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में अतिपिछड़ा समाज की अनदेखी हुई, तो इसका खामियाजा सभी राजनीतिक दलों को भुगतना पड़ेगा. वक्ताओं ने कहा कि अतिपिछड़ा समाज अब हाशिये पर नहीं रहेगा. महारैली और सम्मेलन में शामिल लोगों ने सड़क पर उतरकर अपनी ताकत का एहसास कराया और दिखा दिया कि समाज अब अपनी हिस्सेदारी और अधिकार के लिए एकजुट है. उन्होंने कहा कि अगर अतिपिछड़ा समाज को अब भी दरकिनार किया गया तो यह वर्ग चुप नहीं बैठेगा और निर्णायक भूमिका निभायेगा. रैली और सम्मेलन के माध्यम से अतिपिछड़ा समाज द्वारा कई मांगें की गयी. सभा को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि अब तक अतिपिछड़ा समाज से केवल वोट लेने का काम किया गया, लेकिन प्रतिनिधित्व देने की बारी आई तो इसे दरकिनार कर दिया गया. आज यह समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, लेकिन अब और चुप नहीं रहेगा. इस मौके पर सुरेंद्र प्रसाद, दिनेश पाल, अजीत ठाकुर, विनोद ठाकुर, मो रजमान, शारदा राय, राजेंद्र पाल, सुरेंद्र चौरसिया, विजय गुप्ता, राजरूप पाल, उपेंद्र चंद्रवंशी, दिलीप गुप्ता, जिला पार्षद प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता, जगदीश चौधरी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.
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