रांची.
स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत राज्य के नगर निकायों में ठोस कचरा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) लागू करने की योजना धरातल पर नहीं उतर रही है. स्वच्छ भारत मिशन के शुरू हुए डेढ़ दशक बाद भी राज्य के केवल 10 नगर निकायों में ही कचरा उठाव और उसके वैज्ञानिक निस्तारण का काम पूरी तरह शुरू हो पाया है. शेष 39 निकायों में या तो काम चल रहा है या फिर योजना कागजों पर ही है. जिन नगर निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम पूरा हो गया है, उनमें रांची नगर निगम, देवघर, गिरिडीह, चकुलिया, पाकुड़, झुमरीतिलैया व कोडरमा कलस्टर, बुंडू, गोड्डा और मिहिजाम शामिल हैं. यहां कचरा उठाव, छंटाई और निस्तारण की व्यवस्था नियमित रूप से हो रही है.ज्यादातर शहरों में नहीं है कचरा प्रबंधन की व्यवस्था
राज्य के अधिकांश नगर निकायों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था अधूरी है. कई जगहों पर प्लांट निर्माण की गति धीमी है, तो कई जगहों पर भूमि अधिग्रहण और तकनीकी अनुमति जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं. विभाग का कहना है कि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कर लिया जायेगा, ताकि शहरों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके. नगर विकास विभाग ने राज्य के 23 नगर निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का दावा किया है. इसमें चतरा, हजारीबाग, सिमडेगा, धनबाद, खूंटी, चिरकुंडा, जामताड़ा, सरायकेला, चक्रधरपुर, चास, गढ़वा, मधुपुर, लोहरदगा, लातेहार, चाईबासा और आदित्यपुर कलस्टर (आदित्यपुर, मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई व कपाली) शामिल हैं.आठ निकायों का डीपीआर तैयार नहीं
नगर विकास विभाग के मुताबिक बरहरवा, बड़की सरैया, धनवार, हुसैनाबाद, डोमचांच, महगामा, छतरपुर और हरिहरगंज में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है. वहीं, रामगढ़ कलस्टर, गुमला, बासुकीनाथ, मेदिनीनगर, श्रीबंशीधर नगर, मझियांव और दुमका में काम का आवंटन कर दिया गया है. विश्रामपुर के लिए टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं.
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