सोहराय पर्व की तैयारी में जुटे आदिवासी समुदाय
प्रतिनिधि, नाला. आदिवासियों का मुख्य त्योहार सोहराय (बंदना) को लेकर आदिवासी गांवों में तैयारी जोरों पर है. घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई जारी है. सभी अपने-अपने घरों को आकर्षक रूप से
प्रतिनिधि, नाला. आदिवासियों का मुख्य त्योहार सोहराय (बंदना) को लेकर आदिवासी गांवों में तैयारी जोरों पर है. घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई जारी है. सभी अपने-अपने घरों को आकर्षक रूप से सजाने में व्यस्त हैं. इस पर्व के अवसर पर सगे संबंधियों को निमंत्रण देने का काम भी जारी है. मुखिया सोनहरी हेंब्रम, विधायक प्रतिनिधि वासुदेव हांसदा, नुनुधन किस्कू आदि ने बताया कि 10 जनवरी से ऊम के साथ पर्व की शुरुआत होगी. कहीं-कहीं 11 जनवरी से भी पर्व की शुरुआत की जायेगी. कहा कि आदिवासियों का यह महान पर्व है. पर्व के दौरान प्रत्येक दिन आदिवासी परंपरा के अनुसार अलग-अलग विधि से पूजा की जायेगी. इसमें गांव के पुरुष-महिला, बच्चे-बूढ़े सब शामिल होंगे. पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा. पर्व पर गोड पूजा, गोहाल पूजा, बरद खुंटा (खुंटाव), जाले, हाकूकाटकोम आदि मनाया जायेगा. वहीं युवक-युवती अपने परंपरा के अनुसार मांदर के थाप पर नृत्य गीत करते-करते हंसी खुशी से पर्व को मनाते हैं. जानकारी हो कि क्षेत्र के उदलजोड़ी कुंजबोना, चकठाड़ी, पाटनपुर, बृंदाबनी, राख, टेसजोड़िया, पाराडाल आदि आदिवासी गांवों में पर्व को तैयारी अंतिम चरण में है. सोहराय पर्व भाई-बहन का अटूट प्यार अक्षुण्ण रिस्ते का पर्व है.
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