नारायणपुर. प्रखंड क्षेत्र में रामनवमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है. नारायणपुर के भैयाडीह स्थित युगल बिहार कुंज, मानस मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की ओर से रामचरितमानस का पाठ किया जा रहा है. संध्या से लेकर देर रात्रि तक भगवान श्रीराम की लीलाओं का गुणगान हो रहा है. भजन-कीर्तन और प्रवचन से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा नजर आ रहा है. युगल बिहारी कुंज में कथावाचक मिथिलेश मिश्रा ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई. बताया कि भगवान श्रीराम का जन्म त्रेता युग में चैत्र मास की नवमी तिथि को हुआ था, जिसे अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है. कथावाचक ने कहा कि भगवान राम का जीवन संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है. उन्होंने मर्यादा, त्याग, कर्तव्य परायणता और वचनबद्धता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया. भगवान राम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य के मार्ग से नहीं भटकना चाहिए.
रामनवमी पर भैयाडीह में प्रभु श्रीराम का मना जन्मोत्सव
नारायणपुर. प्रखंड क्षेत्र में रामनवमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है. नारायणपुर के भैयाडीह स्थित युगल बिहार
