राजस्व कर्मियों की हड़ताल जारी, समझौते के क्रियान्वयन की मांग तेज

जून 2025 के लिखित समझौते पर अमल नहीं होने से बढ़ा आक्रोश, 11 फरवरी से सामूहिक अवकाश पर कर्मीजमुई. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अधीन कार्यरत राजस्व कर्मियों

जून 2025 के लिखित समझौते पर अमल नहीं होने से बढ़ा आक्रोश, 11 फरवरी से सामूहिक अवकाश पर कर्मी

जमुई. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार के अधीन कार्यरत राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. पूर्व में हुए लिखित समझौते के क्रियान्वयन की मांग को लेकर कर्मियों ने सामूहिक अवकाश ले रखा है. महासंघ (गोप गुट), जिला शाखा ने राज्य सरकार से जल्द पहल करने की मांग की है. महासंघ के जिला सचिव अवधेश कुमार तांती ने बताया कि जून 2025 में राजस्व कर्मियों के प्रतिनिधियों और विभागीय अपर मुख्य सचिव के बीच विभिन्न मांगों पर लिखित सहमति बनी थी. इसके बावजूद अब तक समझौते के बिंदुओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. बार-बार अनुरोध के बावजूद समझौते को लागू नहीं किया जाना प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है, इससे कर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. इसी के विरोध में कर्मी 11 फरवरी 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर हैं. महासंघ का कहना है कि हड़ताल के कारण राज्य में कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की है. संघ ने जिला स्तर पर प्रदर्शन करते हुए सरकार से अपील की है कि समझौते के बिंदुओं को शीघ्र लागू किया जाये, ताकि आंदोलन समाप्त हो सके और कार्य सामान्य हो सके.

मुख्य मांगें

गृह जिला में पदस्थापन, ग्रेड पे 1900 से बढ़ाकर 2800 करने की मांग, 10 वर्षों में समयबद्ध प्रोन्नति, कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक संसाधन (टेबल, कुर्सी, इंटरनेट, प्रिंटर, पेपर, पंखा, अलमारी आदि), प्रत्येक राजस्व हल्का में एक कर्मचारी की अनिवार्य नियुक्ति, पदनाम बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी करने की मांग, सेवा संपुष्टि एवं एसीपी / एमएसीपी का लाभ शीघ्र प्रदान करने की मांग. महासंघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी, जिससे राजस्व कर्मियों की मांगें पूरी होंगी और कार्य व्यवस्था बहाल हो.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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