लोक आस्था व जन संवेदना के बड़े कवि थे राकेश

दीपक 14 आमगोला के शुभानंदी में महाकवि राकेश स्मृति पर्व आयोजित उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर आमगोला स्थित शुभानंदी के सभागार में महाकवि राकेश स्मृति समिति व नवसंचेतन के संयुक्त तत्त्वावधान में

दीपक 14 आमगोला के शुभानंदी में महाकवि राकेश स्मृति पर्व आयोजित उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर आमगोला स्थित शुभानंदी के सभागार में महाकवि राकेश स्मृति समिति व नवसंचेतन के संयुक्त तत्त्वावधान में उत्तर छायावाद के कवि राम इकबाल सिंह राकेश के स्मरण पर्व का आयोजन किया गया. डॉ संजय पंकज ने कहा कि महाकवि राकेश मध्यप्रदेश में रहते हुए साहित्य लेखन किये. उनकी रचनाओं में जीवन के व्यापक संदर्भ मिलते हैं. डॉ विजय शंकर मिश्र ने कहा कि उनकी कविताओं में जीवन, समाज, प्रकृति व समय के विविध रंग दिखते हैं. चट्टान, दुंदुभी, गंध ज्वार जैसी कृतियों में कविता का सार्वदेशिक व सार्वकालिक सौंदर्य पाठक को चमत्कृत और प्रभावित करता है. समाजसेवी एचएल गुप्ता ने कहा कि राकेश सीधे-साधे मगर निर्भीक और दो टूक बोलने वाले थे. मौके पर मधुमंगल ठाकुर, प्रणय, राकेश सिंह, माला, चैतन्य चेतन, अनुराग आनंद ने भी विचार रखे. दूसरे सत्र में रामइकबाल की कविताओं का पाठ किया गया. संचालन सुकृति सिंह व धन्यवाद ज्ञापन प्रमोद आजाद ने किया.

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By Vinay kumar

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