एमबीबीएस की परीक्षा में पेपर वन की जगह दिया पेपर टू, परीक्षा रद्द

70 प्रतिशत प्रश्न सिलेबस से बाहर थे : परीक्षा नियंत्रक

नीलांबर-पीताबंर विवि की लापरवाही

70 प्रतिशत प्रश्न सिलेबस से बाहर थे : परीक्षा नियंत्रक

फोटो 1 डालपीएच- 16

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) द्वारा सोमवार को आयोजित एमबीबीएस सेकंड ईयर की परीक्षा में बड़ी लापरवाही देखने को मिली. द्वितीय पाली में निर्धारित फार्माकोलॉजी पेपर वन की परीक्षा में छात्रों को गलती से पेपर टू का प्रश्न पत्र थमा दिया गया, जिससे परीक्षा केंद्रों पर आक्रोश और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी. परीक्षा दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक आयोजित की जानी थी, जिसमें सत्र 2022 के करीब 100 छात्र सम्मिलित होने वाले थे. यह परीक्षा विद्यार्थियों के थर्ड इयर में प्रमोशन के लिए महत्वपूर्ण थी. छात्रों ने जैसे ही प्रश्न पत्र देखा, उनमें आक्रोश फैल गया. सभी का कहना था कि यह परीक्षा पेपर वन की होनी थी, लेकिन उन्हें पेपर टू का प्रश्न पत्र दिया गया है. छात्रों ने इसे परीक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही बताया.

परीक्षा रद्द, अगली तिथि जल्द होगी घोषित

छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया. एनपीयू के परीक्षा नियंत्रक अजीत कुमार सेठ ने पुष्टि करते हुए बताया कि पेपर वन के स्थान पर पेपर टू का प्रश्न पत्र छात्रों को मिला और 70% प्रश्न सिलेबस से बाहर थे. इसलिए परीक्षा रद्द की गयी है. अगली तिथि शीघ्र घोषित की जायेगी. उन्होंने यह भी कहा कि शेष सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होंगी. एमबीबीएस सेकेंड इयर की परीक्षा 1 सितंबर से 12 सितंबर तक आयोजित हो रही है, जिसमें कुल छह विषयों की परीक्षा होनी है.

छात्रों में चिंता, कहा—सत्र पहले से ही है विलंबित

छात्रों का कहना है कि उनका सत्र पहले से ही काफी लेट चल रहा है और अब परीक्षा में इस तरह की भूल ने भविष्य को और अनिश्चितता में डाल दिया है. छात्रों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उत्तरदायित्व तय करे और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करे.

एनएसयूआइ ने की विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना

एनएसयूआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, एनपीयू की लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. विश्वविद्यालय को इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि एनएसयूआइ कुलपति से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज करायेगी.

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Author: DEEPAK

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