गहराई व दलदली करेंगी छठव्रतियों को परेशान, करनी होगी पुख्ता इंतजाम

- भीड़ को संभालने वाली लालदरवाजा जहाज घाट पर निगम की नहीं पहुंची तैयारी मुंगेर पिछले दिनों आई बाढ़ के कारण इस बार गंगा घाटों की स्थिति खराब

– भीड़ को संभालने वाली लालदरवाजा जहाज घाट पर निगम की नहीं पहुंची तैयारी

मुंगेर

पिछले दिनों आई बाढ़ के कारण इस बार गंगा घाटों की स्थिति खराब है. घाटों की गहराई व दलदली इस बार छठव्रतियों को काफी परेशान करेंगी. बावजूद नगर निगम की तैयारी अभी भी आधी अधूरी है. कई घाटों पर तो अभी निगम की तैयारी शुरू भी नहीं हो सकी है. जबकि शुक्रवार से नहाय खाय के साथ महापर्व छठ का अनुष्ठान प्रारंभ हो जायेगा.

गहराई व दलदली करेंगी छठव्रतियों को परेशान

शहर के अधिकांश गंगा घाटों पर दलदली और गहराई छठव्रतियों को इस बार परेशान करेंगी. बताया जाता है कि जगह-जगह गंगा घाटों पर दलदली है. जबकि घाट से 3-4 फीट पर ही गंगा काफी गहरी हो गयी है. सावधानी हटी- दुर्घटना घटी वाली स्थिति है. शहर के अधिकांश घाटों पर यही स्थिति देखने को मिल रही है. स्थानीय नागरिकों की माने तो नगर निगम प्रशासन को गहराई देखते हुए बांस की मजबूत बैरिकेडिंग एवं रस्सी सहित अन्य सुरक्षात्मक इंतजाम सभी घाटों पर रखना होगा. इतना ही नहीं सभी घाटों पर गोताखोरों की तैनात नौका सहित करने की आवश्यकता है. ताकि आपदा की स्थिति में बचाव कार्य तत्काल उपलब्ध हो सके.

गंगा घाटों पर आधी अधूरी है निगम की तैयारी

नगर निगम ने शहर के 14 गंगा घाटों को छठ पर्व के लिए चिह्नित किया है. जिसमें लालदरवाजा गंगा नगर घाट, जहाज घाट लाल दरवाजा गंगा नगर, बबुआ घाट, सोझी घाट, बेलन बाजार घाट, गोढी टोला घाट, कंकड़ घाट, सती चौरा घाट, बेलवा घाट, कर्बला घाट, दुमंठा घाट, हेरूदियारा घाट, श्यामपुर घाट शामिल है. सोझी घाट, जेल घाट, कष्टहरणी घाट, बबुआघाट, दुमंठा घाट, बेलवा घाट पर निगम की तैयारियां देखी गयी है. जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है. जबकि अधिकांश घाटों पर निगम की तैयारी कहीं अधूरी है तो कहीं अब तक निगम की तैयारी पहुंच ही नहीं सकी है. न तो मिट्टी काट कर घाटों को सीढीनुमा तैयार किया जा सका है और न ही अस्थाई चेजिंग रूम ही बनाया जा सका है. जबकि चार दिवसीय महापर्व छठ का अनुष्ठान शुक्रवार से प्रारंभ हो जायेगा.

लालदरवाजा व जहाज घाट निगम की नजर से है ओझल

शहर की एक बड़ी आबादी लालदरवाजा गंगा घाट पर ही छठ महापर्व का अनुष्ठान करते है. क्योंकि यहां पर तीन घाट है और तीनों पर छठ पर्व मनाया जाता है. लेकिन नगर निगम की तैयारी अब तक यहां नहीं पहुंच सकी है. बिजली बोर्ड गंगा नगर के पास जो घाट है वह सबसे अधिक खतरनाक है. घाट पर दलदली है. जबकि घाट के नीचे बोल्डर और उसको बांधे गये तार लोगों को जख्मी कर देगा. यह घाट पूरी तरह से खतरनाक है. जबकि जहाज घाट पर जगह-जगह दलदली है. जबकि 2-3 फीट के बाद ही गंगा काफी गहरी हो गयी है. जो जानलेवा साबित हो सकता है. इतना ही नहीं बाढ़ के बाद बीच गंगा में एक टापू निकला है. जहां पर लोग छठ पर्व मनाने जायेंगे. लेकिन वहां जाने के लिए एक सोती में चचरी पुल की व्यवस्था करने की जरूरत है. स्थानीय वार्ड सदस्य अंशु वाला ने बताया कि अब तक न तो नगर निगम की ओर से कर्मी यहां घाटों को तैयार करने आया है और न ही उनसे संपर्क किया गया है. जबकि शुक्रवार से नहाय खाय के साथ छठ शुरू हो जायेगा. पिछली बार भी स्थानीय लोगों की मदद से खुद के खर्च पर घाट को तैयार किया गया था. निगम से मांग है कि घाट तक जाने के लिए सोती में नाव का पुल बनाया जाय, जहाज घाट पर घाट को तैयार किया जाय और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की जाय.

कहती हैं नगर आयुक्त

नगर आयुक्त शिवाक्षी दीक्षित ने बताया कि शहर के कुल 14 घाटों को छठ पर्व को लेकर तैयार किया जा रहा है. सभी घाटों पर विशेष साफ-सफाई, बैरिकेडिंग एवं लाइटों की व्यवस्था रहेंगी. पानी व अस्थाई चैजिंग रूम बनाया जायेगा. सभी काम शुरू हो गया है. छठ घाटों को एक-दो दिनों में पूरी तरह से तैयार कर लिया जायेगा.

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