निष्ठा व प्रेम के लिए मनुष्यों को राम कथा सुननी चाहिए
मनुष्य के अंदर श्रद्धा, विश्वास व प्रेम होनी चाहिए. मन के मैल तभी धुलेंगे, जब आप सच्चे मन से भगवान से प्रेम करेंगे.
By DEEPAK | Updated at :
मयूरहंड. मनुष्य के अंदर श्रद्धा, विश्वास व प्रेम होनी चाहिए. मन के मैल तभी धुलेंगे, जब आप सच्चे मन से भगवान से प्रेम करेंगे. मनुष्य को निष्ठावान होनी चाहिए. रामचरित मानस में कहा गया है कि भाई-भाई में बेहतर संबंध होनी चाहिए. लेकिन कलयुग में भाई-भाई एक दूसरे से एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ते-झगड़ते रहते हैं. जिनके कथनी व करनी में फर्क न हो वह सच्चे गुरु हैं. मनुष्यों को वैसे गुरुओं की वंदना करनी चाहिए. उक्त बातें मयूरहंड स्थित दुर्गा पूजा प्रवचन कार्यक्रम के मौके पर मध्यप्रदेश के रतलाम से प्रवचन करने आयी प्रवचन वाचिका ने मंगलवार की रात कही. जहां स्थानीय थाना प्रभारी आशिष प्रसाद, मुखिया मृदुला देवी ने उनका स्वागत किया. मौके पर समिति के अध्यक्ष अश्विनी कुमार सिंह, रामभरोस सिंह, पूर्व मुखिया अनिल सिंह, ईश्वर पासवान, प्रदीप साव, भुनेश्वर साव, महेंद्र नायक, संतोष सिंहा, मनोज राणा, सीटन सिंह, रणधीर सिंह, राजू राम, संजय साव समेत कई लोग उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है