फंड मिलने के बावजूद बेसिक स्कूल में सुविधाएं नदारद

बरहट प्रखंड के एक विद्यालय में हाल ही में हुए निरीक्षण से इन योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ गयी है.

बरहट . शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष विद्यालय मद विकास योजना के तहत बेसिक स्कूलों को रख-रखाव और बुनियादी सुविधाओं के लिए एक लाख रुपये तक की राशि भेजी जाती है. लेकिन बरहट प्रखंड के एक विद्यालय में हाल ही में हुए निरीक्षण से इन योजनाओं की जमीनी हकीकत सामने आ गयी है. प्लस टू शुक्रदास यादव मेमोरियल राजकीय उच्च विद्यालय बरहट की प्रभारी प्राचार्य एवं सीआरसी संचालिका ईला कुमारी ने बीते शुक्रवार को बरहट स्थित एक बेसिक स्कूल का निरीक्षण किया. यह निरीक्षण शिक्षा समिति के गठन की प्रक्रिया के दौरान किया गया. हालांकि समिति अध्यक्ष की अनुपस्थिति के कारण समिति का गठन नहीं हो सका. इस दौरान विद्यालय परिसर की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. कक्षा में पढ़ाई के लिए चॉक तक उपलब्ध नहीं था. श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) का रंग धुंधला था. बालिका शौचालय बंद मिला और अंदर गंदगी फैली थी, जिससे छात्राएं परेशान थीं.

विद्यालय में कुर्सियों की भारी कमी पायी गयी. जो कुर्सियां थीं, वे भी टूटे-फूटे हालत में थीं. ऊपरी मंजिल की कक्षाओं में पंखे नहीं थे, जिससे गर्मी में छात्र-शिक्षक बेहाल नजर आये. पुस्तकालय और प्रयोगशाला पूरी तरह बंद मिले. शिक्षकों ने बताया कि प्रयोगशाला तो आज तक कभी खुली ही नहीं. स्मार्ट क्लास की स्थिति भी निराशाजनक रही. कक्षा में ताला लटका मिला और स्मार्ट बोर्ड केवल शोपीस बनकर रह गया है. विद्यालय में पीने के पानी की उचित व्यवस्था का भी अभाव पाया गया. सीआरसी संचालिका ईला कुमारी ने निरीक्षण के बाद पूरे मामले की लिखित रिपोर्ट प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंप दी है.

ग्रामीणों ने उठाये सवाल

स्थानीय ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब प्रतिवर्ष लाखों रुपये की राशि भेजी जाती है तो फिर स्कूलों की हालत बदहाल क्यों है? ग्रामीणों ने मांग की कि निधियों के उपयोग में पारदर्शिता लाई जाए और जवाबदेही तय की जाए.

कहते हैं प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुधांशु शेखर ने बताया कि विद्यालय मद विकास योजना के तहत भेजी गयी राशि की मॉनिटरिंग जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा की जाती है. उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और वे स्वयं विद्यालय का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करेंगे.

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