धार्मिक स्थलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए : राघवेंद्र

नारायणपुर. करमदहा दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में सोमवार को सामाजिक बैठक हुई. विशेष संध्या आरती में कवि सह घांटी राजपरिवार के सदस्य राघवेंद्र नारायण सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.

नारायणपुर. करमदहा दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में सोमवार को सामाजिक बैठक हुई. विशेष संध्या आरती में कवि सह घांटी राजपरिवार के सदस्य राघवेंद्र नारायण सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. बैठक में राघवेंद्र नारायण सिंह ने मंदिर की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला. कहा कि दुखिया बाबा मंदिर भगवान भोलेनाथ का प्रमुख शिवालय ही नहीं, बल्कि यह घांटी राजघराने की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर भी है. कहा कि हाल के दिनों में मंदिर संचालन को लेकर स्थानीय लोगों के बीच कुछ मतभेद की बातें सामने आई है, जिन्हें आपसी संवाद से सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर राजनीति नहीं, बल्कि आस्था, एकता और भाईचारे की भावना सर्वोपरि होनी चाहिए. बैठक में उन्होंने अपनी रचित कविताएं सुनाकर भावनात्मक बना दिया.

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Author: UMESH KUMAR

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