देवघर एम्स में आधारभूत सुविधा को लेकर हाइकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

देवघर एम्स में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

रांची : हाइकोर्ट ने देवघर एम्स में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस सोनक व जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी का पक्ष सुना.

इसके बाद खंडपीठ ने प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत सिनोपसिस में उठाये गये बिंदुओं पर राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दायर करने का निर्देश दिया. सरकार को यह भी स्पष्ट करना होगा कि इन आवश्यक कार्यों को पूरा करने के लिए कितना समय लगेगा और इन्हें कब तक पूरा कर लिया जायेगा. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने 24 सितंबर की तिथि निर्धारित की.

इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने सिनोपसिस प्रस्तुत करते हुए खंडपीठ को बताया कि अभी भी केंद्रीय विद्यालय के लिए 20 एकड़ जमीन राज्य से नहीं मिली है. देवघर एम्स के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति, पुनासी डैम से सीधे पानी की आपूर्ति, फायर सेफ्टी की व्यवस्था और रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण सहित अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाया गया है.

सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने पैरवी की, जबकि एम्स की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने पक्ष रखा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी गोड्डा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने जनहित याचिका दायर की है. उन्होंने याचिका में कहा है कि एम्स देवघर में बुनियादी सुविधाओं की कमी है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rana pratap

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >