Darbhanga : प्याज की करें खेती, सरकार से लें 75 प्रतिशत अनुदान का लाभ

प्याज की खेती का रकवा संग उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने शुरू की योजना इच्छुक कृषकों को विभागीय पोर्टल पर करना होगा ऑन लाइन आवेदनअनुमानित लागत पर सरकार देगी

प्याज की खेती का रकवा संग उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने शुरू की योजना

इच्छुक कृषकों को विभागीय पोर्टल पर करना होगा ऑन लाइन आवेदन

अनुमानित लागत पर सरकार देगी 75 प्रतिशत तक अनुदान

प्रखंडों के लिए लक्ष्य तय, प्रचार-प्रसार में जुटा उद्यान विभाग

पुरुषोत्तम कुमार चौधरी,

बहादुरपुर. खरीफ फसल में प्याज की खेती का रकबा बढ़ाने के साथ उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार ने क्षेत्र विस्तार योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को प्याज की खेती के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा. राज्य सरकार व उद्यान विभाग ने किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्याज क्षेत्र विस्तार योजना की शुरुआत की है.

जिला को 50 हेक्टेयर का लक्ष्य

प्याज विस्तार योजना के तहत जिला उद्यान विभाग के लिए 50 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत जिले में प्रखंडवार लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है. साथ ही प्याज की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गयी है.

किसानों को कितना मिलेगा लाभ

खरीफ फसल में प्याज की खेती का क्षेत्र विस्तार कर उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाना है, ताकि किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके. कृषि विभाग की ओर से प्याज की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 किलो बीज की आवश्यकता निर्धारित की गयी है. बीज का वितरण 2450 रुपए प्रति किलोग्राम या वास्तविक दर जो भी कम हो लाभार्थी किसानों के बीच किया जाएगा. प्रति हेक्टेयर 24 हजार पांच सौ रुपए की अनुमानित लागत पर किसानों को 75 प्रतिशत यानी अधिकतम 18 हजार 375 रुपए का अनुदान मिलेगा. योजना का लाभ न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) तथा अधिकतम पांच एकड़ (दो हेक्टेयर) के लिए दिया जायेगा.

ऐसे करें आवेदन

इस योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. किसान उद्यान निदेशालय बिहार के विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक किसानों के लिए भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र, अद्यतन राजस्व रसीद, ऑनलाइन अद्यतन रसीद लगाना अनिवार्य है. आवेदक का नाम, भूमि-स्वामित्व, राजस्व रसीद में स्पष्ट नहीं हो तो भूमि-स्वामित्व, राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगा सकते हैं. गैर-रैयत किसान एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ ले सकते हैं.

कहते हैं अधिकारी

राज्य सरकार व उद्यान विभाग द्वारा खरीफ प्याज विस्तार योजना की शुरुआत की गयी है. प्याज की खेती के लिए 50 हेक्टेयर में जिला को लक्ष्य प्राप्त हुआ है. प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप जिले के सभी प्रखंडों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है. सभी प्रखंडों में पदस्थापित प्रखंड उद्यान को किसानों के बीच प्रचार-प्रसार करने व इच्छुक किसानों से ऑनलाइन आवेदन कराने का निर्देश दिया गया है. -नीरज कुमार झा, सहायक निदेशक उद्यान, दरभंगा

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