Bokaro News : संकल्प के साथ धूम्रपान की गिरफ्त से बाहर निकले बोकारो के 10391 युवा

बोकारो, धूम्रपान एक व्यक्ति, परिवार या समाज नहीं, बल्कि एक पीढ़ी का अंत करती है. जब एक व्यक्ति को धूम्रपान की लत लग जाती है, तो पूरा परिवार सफर करता

बोकारो, धूम्रपान एक व्यक्ति, परिवार या समाज नहीं, बल्कि एक पीढ़ी का अंत करती है. जब एक व्यक्ति को धूम्रपान की लत लग जाती है, तो पूरा परिवार सफर करता है. बोकारो के युवा तेजी से धूम्रपान की लत छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं. एनसीडी के आंकड़े बता रहे हैं कि बोकारो जनरल अस्पताल व कैंप दो सदर अस्पताल के धूम्रपान मुक्ति सेंटर में धूम्रपान छोड़ने वाले युवाओं के आंकड़े रोजाना बढ़ रहे हैं.

सत्र 2018-19 में 789 युवाओं ने धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने के लिए सेंटर का सहारा लिया था. वहीं सत्र 2021-22 में यह आंकड़ा बढ़ कर 2293 हो गया. सत्र 2022-23 में 2940 व सत्र 2023-24 में 2250, सत्र 2024-25 में 2398 व सत्र 2025-26 में अब तक 510 युवाओं ने नशा से मुक्ति दिलाने की गुहार लगायी है. आंकड़े बढ़ रहे हैं. युवाओं को धूम्रपान से दूर रखने को लेकर सिविल सर्जन डॉ अभय भूषण प्रसाद, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ अरविंद कुमार, जिला परामर्शी मो असलम, मनोचिकित्सक डॉ प्रशांत मिश्र सहित एनटीसीपी की टीम लगातार काम कर रही है. सीएस व उपाधीक्षक द्वारा एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) संचालित एनटीसीपी (राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम) की समीक्षा की जाती है.

छह साल में 3273 कटा चालान, 5,24,944 रुपये की हुई वसूली

बोकारो जिला में एनटीसीपी की ओर से छह सत्र (2019-25) में कुल 3273 व्यक्तियों व प्रतिष्ठानों का चालान काटा गया. इस दौरान जुर्माना के रुप में 5,24,944 रुपये की वसूली की गयी. पूरे सत्र पर नजर डालें, तो सत्र 2019-20 में 133 चालान पर 21973 रुपये, 2020-21 में 280 चालान पर 48860 रु, 2021-22 में 365 चालान पर 60480 रुपये, 2022-23 में 599 चालान पर 91080 रु, सत्र 2023-24 में 1095 चालान पर 173981 रुपये व सत्र 2024-25 में 801 चालान पर 128570 रुपये की वसूली आर्थिक दंड के रूप में की गयी.

झारखंड में पहली बार बोकारो में एएसआइ बने नोडल

झारखंड में धूम्रपान करनेवालों को नियंत्रित करने के लिए एनटीसीपी में पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया. झारखंड का पहला जिला बोकारो है, जहां हर थाना के एक एएसआइ को एनटीसीपी का क्षेत्रीय नोडल बनाया गया है. नोडल पदाधिकारियों को जुर्माना रसीद दी गयी है. जो अर्थदंड लगाकर चालान काटती है. इसका असर भी लगातार दिखने लगा है. एसपी हर अपराध समीक्षा बैठक में भी धूम्रपान की समीक्षा करते है. पुलिस अधिकारी भी क्षेत्र में धूम्रपान के खिलाफ लगातार औचक निरीक्षण अभियान चला रहे हैं.

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