Bokaro News : दुनिया की बैंकिंग में भारत का विशिष्ट स्थान : डॉ वेद प्रकाश

बोकारो, दुनिया की बैंकिंग में भारत का विशिष्ट स्थान है. ग्राहक सेवा में भारतीय बैंकिंग का विशिष्ट स्थान है. ग्राहक कवरेज व लाभार्थी मामले में भारतीय बैंकिंग प्रणाली दुनिया के

बोकारो, दुनिया की बैंकिंग में भारत का विशिष्ट स्थान है. ग्राहक सेवा में भारतीय बैंकिंग का विशिष्ट स्थान है. ग्राहक कवरेज व लाभार्थी मामले में भारतीय बैंकिंग प्रणाली दुनिया के कई विकसित देशों से भी आगे है. ये बातें दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हाइयर एजुकेशन एंड रिसर्च- नागपुर के मुख्य सलाहकार डॉ वेद प्रकाश मिश्रा ने कही. श्री मिश्रा शनिवार को सेक्टर पांच स्थित एनआइपीएम सभागार में बैंक ऑफ इंडिया इंप्लाइज यूनियन झारखंड प्रदेश के शुरू हुए दो दिवसीय आठवें त्रैवार्षिक सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. डॉ मिश्रा कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे. डॉ मिश्रा ने कहा कि भारतीय बैंकिंग में समय के साथ बहुत बदलाव हुआ है. चाहे भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हो या फिर इंपेरियल बैंक का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बदलना हो. चाहे बैंक का राष्ट्रीयकरण हो या फिर उदारीकरण के दौर में बैंकिंग व्यवस्था का पांव पसारना हो. भारतीय परिप्रेक्ष्य में बैंकिंग क्षेत्र में बहुत बदलाव हुआ है. डॉ मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में मानवता पहलू में कमी आयी है. इससे बैंकिंग क्षेत्र भी अछूता नहीं है.

भारत लगातार कर रहा विकास

डॉ मिश्रा ने कहा कि भारत लगातार विकास कर रहा है. विश्व इकोनॉमी में भारत तीसरा स्थान पर खड़ा होने जा रहा है. लेकिन, प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत बहुत पीछे है. देश का विकास तो हो रहा है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में पीछे रहना, एक तरह से समाज में खाई बना रहा है. अंत्योदय का मतलब अंतिम तबका तक समुचित विकास पहुंचना होना चाहिए. कुछ लोग या कुछ वर्ग की आय बढ़ना ही अंत्योदय नहीं होता है.

कर्मियों की समस्याओं का नहीं हो रहा है समाधान : दिनेश झा

यूनियन के महासचिव दिनेश झा लल्लन ने कहा कि सरकार व बैंक प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. बैंक में कर्मियों की कमी का असर ना सिर्फ कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव के रूप में हो रहा है, बल्कि ग्राहकों को भी परेशानी हो रही है. केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण कर्मचारियों का शोषण बढ़ रहा है. श्री लल्लन ने कहा कि 27 दिसंबर 2021 को हुए समझौते को पूरी तरह लागू किया जाये. प्रबंधन से कई दौर की बातचीत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा : प्रबंधन हमारी बात तब ही मानेगा, जब हमारी एकता चट्टानी रहे.

मजदूरों की संघर्ष कभी खाली नहीं जाता : विद्यासागर गिरी

स्वागत एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्यासागर गिरी ने किया. श्री गिरी ने कहा कि बोकारो क्रांति की धरती रही है. मजदूर एकता की धरती है. जब-जब मजदूरों ने आवाज उठायी है, प्रबंधन को झुकना ही पड़ा है. मजदूरों की संघर्ष कभी खाली नहीं जाता. इतिहास गवाह है कि मजदूरों ने संघर्ष के बल पर ही काम का समय निर्धारित करवाया. श्री गिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विश्वकर्मा को पूजने का रहा है. विश्वकर्मा का सीधा संबंध मजदूरों से ही है. संचालन एसएन दास ने किया. इससे पहले महिला कर्मियों ने स्वागत गीत से अतिथि व प्रतिनधि का स्वागत किया.

ये थे मौजूद,

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष यूसी सिन्हा, रामेश्वर प्रसाद, एसएन नंदा, बीबी ओझा, राजेश ओझा, दिनेश झा, उमेश कुमार दास, नंद कुमार, चंदन कुमार झा, राकेश मिश्रा, प्रदीप झा समेत प्रदेश के सभी जोन से 400 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए.

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