आरा. भोजपुर जिले में पछुआ हवा के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है और पूरा जिला कांप रहा है. न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. पूरे दिन लोग ठिठुरते व कांपते नजर आये और स्वास्थ्य को लेकर नियमित सुबह टहलने वाले लोग भी घर से बाहर नहीं निकल पाये. ठंड की वजह से जनजीवन प्रभावित हो गया है. गरीब और मजदूर सबसे अधिक प्रभावित हैं. मजदूरी कर अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने वाले लोग ठंड के कारण काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं. प्रशासन द्वारा अलाव और कंबल जैसी राहत अभी तक गरीबों तक नहीं पहुंची है. इसके कारण वे काफी परेशान हैं और ठंड से बचना उनके लिए कठिन हो रहा है. एक एवं दो जनवरी को धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन तीन जनवरी को ठंड की स्थिति और दयनीय हो गयी. पूरे जिले में लोगों ने त्राहिमाम की स्थिति जतायी है. मौसम में इतनी ठंड ने आम जनजीवन, शिक्षा और मजदूरों की रोजमर्रे की गतिविधियों को बाधित कर दिया है. लोग इस कड़ाके की ठंड से बचने के उपाय खोजने में लगे हुए हैं, लेकिन पर्याप्त राहत न मिलने के कारण उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं.
स्वयंसेवी संगठन है गायब :
नगर सहित जिले में कई स्वयंसेवी एवं स्वैच्छिक संगठन हैं. ऐसे संगठनों द्वारा समाज हित में काम करने का दावा किया जाता है. ऐसे लोग समाज से प्रशंसा भी लेना चाहते हैं, जबकि धरातल पर ऐसे संगठन समाज हित के लिए आगे नहीं आते हैं. इस ठंड में गरीबों की सहायता के लिए इनका कहीं भी दर्शन नहीं हो रहा है. वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मामले को लेकर सक्रियता नहीं दिखायी गयी है. इसके परिणाम स्वरूप लोग ठंड से कांपने को विवश नजर आ रहे हैं. काम पर निकलने में लोग काफी असहज महसूस कर रहे हैं. ठंड के कारण छोटे बच्चों और बीमार लोगों को भी परेशानी का सामना करना रहा है. मौसम में बदलाव के कारण बीमारी का प्रकोप भी काफी बढ़ सकता है. लोग सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं.सब्जियों पर पाला पड़ने का बढ़ गया है भय :
कनकनी का यही हाल रहा, तो सब्जियों की खेती पर भी असर पड़ेगा. पाला मारने के खतरे को लेकर किसान काफी चिंतित नजर आ रहे हैं. इससे सब्जियों के दाम में काफी बढ़ गये है. इसे लेकर कृषि वैज्ञानिक सह कृषि विज्ञान केंद्र के पूर्व हेड डॉ पीके द्विवेदी ने बताया कि आलू की फसल को ठंड के कारण पाला का असर हो सकता है. आलू की फसल को पानी से पटाने पर पाला से बचाव हो सकता है. वहीं टमाटर एवं अन्य पत्ति वाली सब्जियों को भी नुकसान पहुंच सकता है. पाला से हानि हो सकती है.अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या :
ठंड की स्थिति ऐसी है कि सदर अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है. सर्दी-बुखार के मरीज काफी संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं. सामान्य दिनों की अपेक्षा 15 से 20% अधिक मरीज अस्पतालों में इलाज के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं. शहर सहित पूरे जिले में अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है.छह तक शैक्षणिक कार्य बंद रखने का डीएम का आदेश
आरा. जिले में अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला दंडाधिकारी ने सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में पांच और छह जनवरी को कक्षा एक से आठ तक की शैक्षणिक गतिविधियों को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया है. कक्षा आठ से ऊपर की कक्षाओं के लिए विद्यालय सुबह 10:00 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक ही खुलेंगे. प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं के लिए आयोजित विशेष कक्षाओं एवं परीक्षाओं पर यह आदेश लागू नहीं होगा.पीरो में जमीन विवाद सुनवाई के दौरान दो लोगों की मौत
पीरो. चरपोखरी प्रखंड के खरौनी गांव निवासी राधा सिंह के पुत्र शिवजी सिंह (55 वर्ष) की पीरो अनुमंडल न्यायालय परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ गयी. बताया जा रहा है कि अत्यधिक ठंड के कारण वे न्यायालय परिसर में ही गिर पड़े. घटना के बाद मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सीएचसी ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गयी. चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित किया. मृतक के परिजन निजी एंबुलेंस से शव को पैतृक गांव खरौनी ले गये. शिवजी सिंह का अपने पट्टीदार से भूमि विवाद चल रहा था और शनिवार को इसी मामले की सुनवाई पीरो अनुमंडल न्यायालय में होनी थी. इस बीच, इटीम्हा गणेश निवासी 62 वर्षीय नरेश शर्मा की भी शुक्रवार की रात अत्यधिक ठंड के कारण मौत हो गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
