गालूडीह. गालूडीह से सटे उलदा में स्लैग युक्त पानी से 150 एकड़ में लगे धान के खेत बर्बाद होने की जानकारी मिलने पर रविवार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन उलदा पहुंचे. प्रभावित 39 किसानों से मिले व पूरी जानकारी ली. किसानों के साथ खेत में जाकर टाटा पिगमेंट के स्लैग से निकले प्रदूषित पानी से नष्ट धान की फसलों को देखा.
किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की :
प्रभावित किसानों ने चंपाई सोरेन को आवेदन सौंपकर मुआवजा दिलाने की मांग की. किसानों ने पूर्व सीएम को बताया कि टाटा पिगमेंट द्वारा की गयी स्लैग डंपिंग से निकले प्रदूषित पानी की वजह से उलदा गांव के 39 किसानों की करीब 150 एकड़ धान की फसल बर्बाद गयी.एक सप्ताह में रिपोर्ट दें डीसी :
चंपाई सोरेन ने कहा कि उपायुक्त एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर जांच करायें. एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दें और प्रभावित किसानों को उनकी क्षति के अनुपात में उचित मुआवजा दिया जाए. कंपनी को बाध्य किया जाय कि वह भविष्य में सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू करे. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए.किसानों ने कंपनी को दिया एक सप्ताह का अल्टीमेटम
प्रभावित 39 किसानों ने कंपनी को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि कंपनी जांच कर उचित मुआवजा दे और रिस कर आ रहे स्लैग युक्त पानी पर स्थायी रोक की व्यवस्था करे. अन्यथा एक सप्ताह बाद किसान उलदा में स्थित स्लैग डंपिंग यार्ड के कंपनी गेट का जाम कर देंगे. कंपनी सप्ताह भर में ठोस कार्रवाई नहीं करती है तो ग्रामसभा क्षेत्र उलदा के किसान कंपनी के डंपिंग गेट के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे. मौके पर ग्राम प्रधान छुटू सिंह, नारायण सिंह, सुसेन सिंह, विपिन सिंह, सुनील सिंह, जगदीश सिंह, लक्ष्मण सिंह, कुंती दास, रोहणी सिंह, रसना सिंह, जयंत सिंह, कौशल्या सिंह आदि उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
