11वीं में पंजीकरण के लिए छात्रों से 800 व छात्राओं से लिए जा रहे हैं 550 रुपये

प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्रों ने शिक्षकों पर लगाया अवैध वसूली का आरोपप्रतिनिधि, फतेहपुर. प्लस टू उच्च विद्यालय फतेहपुर में ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा होगी. पंजीकरण को लेकर छात्रों

प्लस टू उच्च विद्यालय के छात्रों ने शिक्षकों पर लगाया अवैध वसूली का आरोप

प्रतिनिधि, फतेहपुर. प्लस टू उच्च विद्यालय फतेहपुर में ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा होगी. पंजीकरण को लेकर छात्रों ने शिक्षकों पर अधिक पैसे वसूलने और रसीद नहीं देने का गंभीर आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि पंजीकरण शुल्क के नाम पर मनमानी राशि ली जा रही है, जिससे विद्यालय प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. छात्रों के अनुसार, ग्यारहवीं कक्षा के पंजीकरण में छात्रों से 800 रुपये और छात्राओं से 550 रुपये लिए जा रहे हैं, जब इस राशि की रसीद की मांग की जाती है तो यह कह कर टाल दिया जाता है कि इसमें सरस्वती पूजा का 70 रुपये भी शामिल है. किसी भी मद की अलग-अलग या संयुक्त रसीद नहीं दी जाती. छात्रों ने बताया कि पूर्व वर्षों में सरस्वती पूजा मनाने से पहले विद्यार्थियों से राय ली जाती थी और क्लास मॉनिटर के माध्यम से स्वेच्छा से चंदा संग्रह किया जाता था, लेकिन इस वर्ष बिना सहमति सीधे पंजीकरण शुल्क में पूजा का पैसा जोड़ दिया गया. छात्रों का यह भी आरोप है कि विद्यालय में कक्षा नवम से द्वादश तक करीब 1400 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. यदि प्रत्येक छात्रों से 70 रुपये लिए जाएं तो कुल राशि लगभग एक लाख रुपये होती है, जिसका कोई स्पष्ट हिसाब-किताब सामने नहीं है. किसी छात्र की रसीद खो जाने पर दोबारा रसीद देने के नाम पर 100 रुपये वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया है. विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि विद्यालय के ड्रेस कोड में नहीं आने पर छात्रों से 20 रुपये जुर्माने के रूप में लिए जाते हैं. छात्रों का आरोप है कि इस तरह पैसे लेने में शिक्षक बिक्रम बैरा, धनंजय महतो व विद्यासुंदर मंडल शामिल हैं. इस संबंध में जब प्रभारी प्रधानाध्यापक धर्मराज शर्मा से शिकायत की गई तो उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया. मौके पर कुणाल मंडल, विकास किस्कू, सिद्धार्थ यादव, सोनू अंसारी, आजम अंसारी, महावीर मंडल, धनंजय दास सहित अन्य छात्रों ने नाराजगी जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की है. इस संदर्भ में जब धर्मराज शर्मा से पूछा गया तो कहा कि कुछ बच्चों के रशीद नहीं दिखाने के वजह से पैसे लिए गए थे, जिसे लौटा दिया गया. चंदा बच्चों के आग्रह से लिया गया है.

क्या कहती है बीइइओ

इस संबंध में बीइइओ ने कहा कि यदि विद्यार्थी लिखित आवेदन देते हैं तो मामले की जांच कराई जायेगी. जांच के बाद संबंधितों उचित कार्रवाई की जायेगी.

– वीणा रानी, बीइइओ

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Author: UMESH KUMAR

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