आधे से ज्यादा लोग नहीं जानते लौंग खाने का सही तरीका - क्या आपको है पता?

क्या आप जानते हैं लौंग खाने का सही तरीका क्या है? जानिए 1 दिन में कितनी लौंग चबानी चाहिए, दांत दर्द में कैसे करें इस्तेमाल और इसके जबरदस्त फायदे व सावधानियां.

Right Way to Eat Clove: रसोई में मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली लौंग (Laung) सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत के लिए भी किसी औषधि से कम नहीं है. आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने, सर्दी-खांसी से राहत देने और मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए खास माना गया है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि आधे से ज्यादा लोग इसे खाने का सही तरीका नहीं जानते. गलत तरीके से खाने पर इसके फायदे कम हो सकते हैं.

लौंग खाने का सही तरीका क्या है? (Right Way to Eat Clove)

लौंग
  1. सुबह खाली पेट 1 लौंग चबाएं – इसे धीरे-धीरे चबाकर खाएं और ऊपर से गुनगुना पानी पी लें. इससे पाचन मजबूत होता है.
  2. अगर सर्दी-खासी है तो 1 लौंग को पीसकर शहद में मिलाकर लेने से राहत मिलती है.
  3. 2-3 लौंग को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से गले की खराश और इम्युनिटी में फायदा होता है.
  4. रात में सोने से पहले  एक लौंग चबाने से मुंह की बदबू दूर होती है और दांतों के दर्द में आराम मिलता है.

रोज 1-2 लौंग से ज्यादा सेवन न करें, वरना पेट में जलन हो सकती है.

आयुर्वेद के अनुसार लौंग खाने के फायदे (Benefits of Eating Clove)

  • पाचन तंत्र मजबूत करता है
  • गैस और एसिडिटी में राहत देता है
  • इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार
  • दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में फायदेमंद
  • सर्दी-खांसी से राहत दिलाता है
  • ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है.

लौंग का फूल क्यों नहीं खाना चाहिए?

लौंग का जो ऊपरी फूल जैसा हिस्सा होता है, उसमें तेल की मात्रा ज्यादा होती है. इसे ज्यादा मात्रा में खाने से पेट में जलन, एसिडिटी या मुंह में छाले हो सकते हैं. इसलिए पूरी लौंग को सीमित मात्रा में ही चबाना चाहिए और अधिक सेवन से बचना चाहिए.

1 दिन में कितना लौंग चबाना चाहिए?

एक दिन में 1 से 2 लौंग चबाना काफी है. इससे ज्यादा सेवन करने पर पेट खराब, जलन या ब्लड शुगर में गिरावट जैसी दिक्कत हो सकती है. किसी भी समस्या या दवा लेने की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

दांत दर्द में लौंग का इस्तेमाल कैसे करें?

दांत दर्द होने पर 1 लौंग को हल्का सा दबाकर दर्द वाली जगह पर रखें. इसके अलावा लौंग का तेल (1–2 बूंद) रुई में लगाकर प्रभावित हिस्से पर रखने से भी आराम मिलता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व दर्द और सूजन कम करने में मदद करते हैं.

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लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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