Monday Remedies: सोमवार के दिन इन चीजों की ना करें खरीदारी, मिलेगा अशुभ फल

Monday Remedies: जिस तरह ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि शनिवार के दिन लोहे की वस्तुएं नहीं खरीदनी चाहिए, ठीक उसी प्रकार कुछ ऐसी चीजें भी बताई गई हैं, जिन्हे सोमवार के दिन नहीं खरीदना चाहिए.

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सोमवार के दिन क्या खरीदना चाहिए?

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कला से संबंधित सामान जैसे रंग, ब्रश, वाद्य यंत्र इत्यादि नहीं खरीदनी चाहिए. इसके अलावा कॉपी-किताबें, खेल से जुड़ी चीजें, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट आदि नहीं खरीदना चाहिए. ज्योतिष मान्यताओं के आधार पर सोमवार के दिन यह वस्तु खरीदने पर भगवान शिव नाराज होते हैं इसलिए इस दिन इन वासतों को खरीदना अशुभ माना जाता है.

सोमवार के दिन क्या खरीदना शुभ होता है?

सोमवार का दिन शिव जी के अलावा चंद्रमा को भी समर्पित होता है. शीतलता और शांति का प्रतीक चंद्रमा को सफेद रंग पसंद है. ऐसे में मान्यता है कि सोमवार को सफेद रंग की वस्तुओं की खरीदारी शुभ माना जाता है. चावल का रंग भी सफेद होता है. इसलिए सोमवार को चावल खरीदना शुभ माना जाता है. साथ ही सोमवार को सफेद कपड़े शरीर पर धारण करने से शरीर का स्वास्थ्य अच्छा रहता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि prabhatkhabar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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