मुख्य बातें
Shardiya Navratri 2023 day 2 Maa Brahmacharini puja LIVE Updates: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है. शारदीय नवरात्रि त्योहार मनाने के लिए यहां पढ़ें संपूर्ण जानकारी
Shardiya Navratri 2023 day 2 Maa Brahmacharini puja LIVE Updates: शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है. शारदीय नवरात्रि त्योहार मनाने के लिए यहां पढ़ें संपूर्ण जानकारी

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
की होगी आराधना
नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा रूप की पूजा होती है. देवी के इस रूप में उनके मस्तक पर चंद्र आकार का तिलक होता है इसलिए उनके इस रूप को चंद्रघंटा कहा गया है.
प्रतिपदा : गाय का घी
द्वितीया: शक्कर
तृतीया : दूध
चतुर्थी : मालपुआ
पंचमी : केला
षष्ठी: शहद
महासप्तमी : गुड़
महाअष्टमी: नारियल
महानवमी : चना और हलवा
विजयादशमी : चुड़ा, गुड़, दही, मिठाई
ब्रह्माचारिणी, मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं और नौ शक्तियों में से दूसरी शक्ति हैं. यह मां दुर्गा का ज्योर्तिमय रूप हैं. ब्रह्मा की इच्छाशक्ति और तपस्विनी का आचरण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी त्याग की प्रतिमूर्ति हैं. मां की उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम रखने की क्षमता बढ़ती है.
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।
ॐ . देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
देवी मां ब्रह्मचारिणी को आज के दिन गुड़हल और कमल का फूल चढ़ाना चाहिए. यह माता रानी को बेहद पसंद हैय
मां ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्मचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
मां ब्रह्मचारिणी का जन्म राजा हिमालय के घर में पुत्री रूप में हुआ था. तब देवर्षि नारद के उपदेश से इन्होंने भगवान शंकर को अपने पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी.
नवरात्रि का दूसरा दिन माता ब्रह्मचारिणी का होता है. इस दिन सफेद रंग के कपड़े को अच्छा माना गया है.
ब्रह्मचारिणी माता, जिन्हें नवरात्रि के दूसरे दिन पूजा जाता है, मां दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं. यह रूप मां दुर्गा के प्रत्येक रूप की तरह विशेष गुणों और चिन्हों से परिपूर्ण होता है.
ब्रह्मचारिणी माता का रूप इस प्रकार होता है.
ब्रह्मचारिणी माता सफेद रंग की वस्तु में रहती हैं.उनके हाथ में कमंडल है. ब्रह्मचारिणी माता का यह रूप उनकी तपस्या, सादगी और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, और वे नवरात्रि के इस दिन पूजी जाती हैं.
“ब्रह्मचारिणी माता” की कथा हिन्दू धर्म के पुराणों में प्रसिद्ध है, और यह कथा मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से एक के रूप में आती है. इसका कहना है कि ब्रह्मचारिणी माता नामक देवी नौ दिनों तक उपवास करती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं. इसकी कथा कुछ इस प्रकार है.
पुराणों के अनुसार, ब्रह्मचारिणी माता का स्वरूप बहुत ही तपस्विनी और पवित्र होता है. वह बहुत ही सात्विक और ध्यानमग्न दिखती हैं. उन्होंने अपने जीवन में ब्रह्मचर्य और तप का पालन किया था.
ब्रह्मचारिणी माता का रूप बहुत ही सुंदर होता है, और वह कर में कमंबल और कमरबंद पहनती हैं. उनके हाथ में कमंबल का हार होता है और कमर पर उनका कमरबंद बढ़ा होता है.
ब्रह्मचारिणी माता का उपवास नौ दिन तक चलता है, और इसके दौरान वह सदैव माँ दुर्गा की ध्यान में रहती हैं और उनकी पूजा करती हैं. उनका उपवास संयम, साद्गी और त्याग का प्रतीक होता है.
ब्रह्मचारिणी माता की कथा कहती है कि उनके उपवास और भक्ति से भगवान विष्णु को खुश कर लिया था, और उन्होंने उनकी कामनाएं पूरी की थीं. इस कथा से हमें यह सिखने को मिलता है कि सादगी, त्याग, और भक्ति के माध्यम से हम दिव्य शक्तियों को प्रसन्न कर सकते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं.
इस रूप में मां दुर्गा की आराधना नवरात्रि के दौरान की जाती है और भक्त ब्रह्मचारिणी माता की पूजा करते हैं ताकि उनके जीवन में सुख, समृद्धि, और संयम की बरकत हो.
तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्। ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥ शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।
मां ब्रह्मचारिणी को क्या भोग लगाएं
आज नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें. मां ब्रह्मचारिणी को भोग में
चीनी या गुड़ लगाएं। माता को मीठा काफी पसंद है.
ब्रह्माचारिणी, मां दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं और नौ शक्तियों में से दूसरी शक्ति हैं. यह मां दुर्गा का ज्योर्तिमय रूप हैं. ब्रह्मा की इच्छाशक्ति और तपस्विनी का आचरण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी त्याग की प्रतिमूर्ति हैं. मां की उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम रखने की क्षमता बढ़ती है.
आज नवरात्रि का दूसरा दिन है. आज के दिन मां ब्रह्माचारिणी की पूजा की जाती है.
ये हैं ब्रह्माचारिणी मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
दधाना कर पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मई ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।
आज माता ब्रह्मचारिणी का दिन है. सोमवार को नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. इसके लिए आप माता को फूल, अक्षत, रोली, चंदन माता रानी को अर्पित करें. ब्रह्मचारिणी मां को भोगस्वरूप पंचामृत चढ़ाएं और मिठाई का भोग जरूर लगाएं. साथ ही मां को पान, सुपारी, लौंग चढ़ाएं. इसके बाद दुर्गा पाठ करें. इसके उपरांत देवी ब्रह्मचारिणी मां के मंत्रों का जाप करें और फिर मां की आरती करें.
आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. आज के दिन दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. सुबह में सबसे पहले नहाकर सफेद कपड़ा पहन लें, क्योंकि मां ब्रह्मचारिणी सफेद वस्त्र ही धारण की है.
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी
मां ब्रह्मचारिणी को खुश करने के लिए आपको चीनी और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए.
माता रानी को प्रसन्न करने के लिए गुड़हल और कमल अर्पित करें, क्योंकि माता को यह दोनों फूल बहुत ही पसंद है.
माता रानी ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। मंत्र का जाप 108 बार करें.
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:। मंत्र का भी जाप कर सकते हैं
मां ब्रह्मचारिणी पूजा मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
प्रतिपदा : गाय का घी
द्वितीया: शक्कर
तृतीया : दूध
चतुर्थी : मालपुआ
पंचमी : केला
षष्ठी: शहद
महासप्तमी : गुड़
महाअष्टमी: नारियल
महानवमी : चना और हलवा
विजयादशमी : चुड़ा, गुड़, दही, मिठाई
मां ब्रहमचारिणी की पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह उठकर जल्दी स्नान कर लें, फिर पूजा के स्थान पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें.
घर के मंदिर में दीप जलाएं.
मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें.
अब मां दुर्गा को अर्घ्य दें.
मां दुर्गा को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं.
मां ब्रह्मचारिणी को गुड़हल और कमल के फूल पसंद हैं. इन्हीं फूलाें से माता की पूजा करें.
माता को भोग लगाएं.
मां ब्रह्मचारिणी को भोग में चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं.
मां ब्रह्मचारिणी को दूध और दूध से बने व्यंजन अति प्रिय होते हैं. इसलिए आप उन्हें दूध से बने व्यंजनों का भोग भी लगा सकते हैं.
धूप और दीपक प्रज्वलित कर दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर मां की आरती करें.
15 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का पहला दिन( मां शैलपुत्री की पूजा)
16 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का दूसरा दिन( मां ब्रह्मचारिणी की पूजा)
17 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का तीसरा दिन( मां चंद्रघंटा की पूजा)
18 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का चौथा दिन( मां कूष्मांडा की पूजा)
19 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का पांचवां दिन( मां स्कंदमाता की पूजा)
20 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का छठा दिन( मां कात्यायनी की पूजा)
21 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का सातवां दिन( मां कालरात्रि की पूजा)
22 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का आठवां दिन( मां सिद्धिदात्री की पूजा)
23 अक्टूबर 2023: नवरात्रि का नौवां दिन( मां महागौरी की पूजा)
24 अक्टूबर 2023: दशमी तिथी(दशहरा)
Shardiya Navratri 2023 Day 2 Live : मंत्र : ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
मंत्र : ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
प्रार्थना
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
स्तुति
या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Shardiya Navratri 2023 : नवरात्रि में इको फ्रेंडली चीजों से सजाएं सपनों का आशियाना, आजमाएं ये टिप्स
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