Lung Cancer Risk Factors: सिर्फ धूम्रपान ही नहीं, ये 2 चीजें भी बढ़ा रही हैं फेफड़ों के कैंसर का खतरा

Lung Cancer Risk Factors: रिसर्च बताती है कि धूम्रपानके अलावा भी दो चीजें हमारे फेफड़ों के लिए खतरा बढ़ा रही हैं. ये दोनों हमारी सांसों के साथ अंदर जाकर धीरे-धीरे नुकसान करते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं. आइए विस्तार से समझते हैं ये दोनों खतरे क्या हैं और कैसे बचाव करें.

Lung Cancer Risk Factors: जब हम फेफड़ों के कैंसर की बात करते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में सिगरेट पीना आता है. यह सच है कि धूम्रपान फेफड़ों की बीमारी का सबसे बड़ा कारण है. लेकिन अब नई रिसर्च बताती है कि इसके अलावा भी दो चीजें हमारे फेफड़ों के लिए खतरा बढ़ा रही हैं, वायु प्रदूषण और माइक्रोप्लास्टिक. ये दोनों हमारी सांसों के साथ अंदर जाकर धीरे-धीरे नुकसान करते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं. आइए विस्तार से समझते हैं ये दोनों खतरे क्या हैं और कैसे बचाव करें.

Lung Cancer Risk Factors: वायु प्रदूषण

आज शहरों की हवा बहुत प्रदूषित हो गई है. यह सिर्फ खांसी या एलर्जी नहीं बढ़ा रही, बल्कि फेफड़ों के कैंसर के मामले भी बढ़ा रही है. हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण, जिन्हें PM2.5 कहते हैं, सांस के रास्ते सीधे फेफड़ों तक पहुंचते हैं और वहां की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं.

यह प्रदूषण मुख्य रूप से डीजल वाली गाड़ियों के धुएं, फैक्ट्रियों की गैसों और भारी ट्रैफिक से आता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट बताती है कि हर साल लगभग तीन लाख से ज्यादा लोग वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों के कैंसर की वजह से मरते हैं.

शहरों में ये समस्या सबसे ज्यादा है, लेकिन छोटे शहर और कस्बे भी अब इसकी चपेट में आ रहे हैं.

Lung Cancer Risk Factors: माइक्रोप्लास्टिक

माइक्रोप्लास्टिक छोटे-छोटे प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं, जो 5 मिलीमीटर से भी छोटे होते हैं. ये हवा, पानी और खाने-पीने की चीजों के जरिए हमारे शरीर में पहुंचते हैं.

नवीनतम शोधों के अनुसार, इंसान हर हफ्ते लगभग 5 ग्राम माइक्रोप्लास्टिक निगलता है, जो कि एक क्रेडिट कार्ड के वजन के बराबर होता है. ये कण फेफड़ों में जमा होकर सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.

प्लास्टिक की बोतलें, पैक्ड फूड, प्लास्टिक के डिब्बे, और प्रदूषित हवा माइक्रोप्लास्टिक के मुख्य स्रोत हैं.

फेफड़ों को बचाने के आसान तरीके

  • धूम्रपान न करें और धूम्रपान करने वालों से दूरी बनाए रखें.
  • घर और ऑफिस में हवा साफ रखने के लिए एयर प्यूरिफायर या हरे पौधे लगाएं.
  • बाहर निकलते समय मास्क पहनें, खासकर प्रदूषित इलाकों में.
  • प्लास्टिक के बजाय स्टील या कांच के बर्तन और बोतल का उपयोग करें.
  • फास्ट फूड और पैक्ड खाने से बचें.
  • रोजाना ताजी हवा में टहलें और प्राणायाम करें.
  • नियमित रूप से फेफड़ों की जांच कराएं, खासकर अगर सांस लेने में दिक्कत हो.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

By Shubhra Laxmi

Shubhra Laxmi is a lifestyle and health writer with a year-long association with Prabhat Khabar. While she specializes in health, fashion, food, and numerology, her writing is deeply rooted in the human experience. By blending emotional depth with motivational insights, Shubhra aims to inspire readers to live a life that is balanced, mindful, and vibrant.

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