Devi Krishnapriya Ji: विवादों के दौर में भी क्यों बढ़ता जा रहा है इस कथावाचिका पर लोगों का विश्वास? शास्त्र, सेवा और सादगी से बनाया अलग मुकाम

1 / 1
Devi Krishnapriya Ji: विवादों के दौर में भी क्यों बढ़ता जा रहा है इस कथावाचिका पर लोगों का विश्वास? शास्त्र, सेवा और सादगी से बनाया अलग मुकाम
फुल स्क्रीन में देखें

Devi Krishnapriya

Devi Krishnapriya Ji: देवी कृष्णप्रिया जी आज के समय में उन कथावाचकों में गिनी जाती हैं, जो अध्यात्म को दिखावे नहीं, बल्कि शास्त्र, अनुशासन और सेवा से जोड़ती हैं. बचपन से मिली धार्मिक शिक्षा और समाजसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है.

Devi Krishnapriya Ji: आज जब कई कथावाचक विवाद, ट्रोलिंग और आरोपों में घिरे रहते हैं, एक नाम ऐसा है जो लगातार आगे बढ़ रहा है. देवी कृष्णप्रिया जी सवाल उठता है… आखिर क्यों? मथुरा की भूमि में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मी देवी कृष्णप्रिया जी को बचपन से ही संस्कार, भक्ति और शास्त्रों की शिक्षा मिली. महज 10 वर्ष की आयु से कथा-वाचन की शुरुआत इसी साधना का प्रमाण है.

प्रसिद्ध कथावाचकों की भीड़ में देवी कृष्णप्रिया जी इसलिए अलग हैं क्योंकि उनका अध्यात्म दिखावे या डर पर नहीं, शास्त्र और अनुशासन पर टिका है. यही वजह है कि उन पर उंगलियां कम, विश्वास ज्यादा उठता है.

वे उन चेहरों में से नहीं हैं जो धर्म के नाम पर नाम, धन या प्रचार बटोरते हैं. अब तक भी और आज भी अध्यात्म के नाम पर जनता को लूटने वालों से उन्हें अलग रखा जाता है.

उनकी हर कथा में भावनाओं के साथ श्रीमद्भागवत, रामकथा और शिवमहापुराण के स्पष्ट शास्त्रीय प्रमाण होते हैं. शायद यही कारण है कि उनकी बातों को तर्क से चुनौती देना आसान नहीं.

जब कई लोग कथा को कमाई का साधन बनाते हैं, देवी कृष्णप्रिया जी उसी धन को गौसेवा और समाजसेवा में लौटा देती हैं. यही कर्म उन्हें ट्रोलिंग से नहीं, सम्मान से जोड़ता है.

डिजिटल युग में जहां आध्यात्म भी कंटेंट बन चुका है, देवी कृष्णप्रिया जी कंटेंट नहीं, चरित्र और चेतना गढ़ रही हैं. और शायद इसी कारण वे चर्चा में हैं, विवाद में नहीं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >