कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. दिव्यांग लोगों को लेकर की गई टिप्पणियों के मामले में कोर्ट ने समय रैना समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक केस रद्द कर दिए हैं. कोर्ट ने इस दौरान दिव्यांग लोगों के लिए किए गए उनके काम की भी तारीफ की.
समय रैना के अलावा कॉमेडियन विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज FIR और आपराधिक कार्यवाही भी सुप्रीम कोर्ट ने खत्म कर दी.
दिव्यांगों के लिए शतरंज टूर्नामेंट का किया आयोजन
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में दिव्यांग लोगों के लिए आयोजित किए गए शतरंज टूर्नामेंट का खास तौर पर जिक्र किया. कोर्ट ने कहा कि इस तरह के प्रयासों से दिव्यांग लोगों के लिए काम करने वाली संस्थाओं के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ती है.
इन संस्थाओं में Spinal Muscular Atrophy यानी SMA जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे लोगों की मदद करने वाले संगठन भी शामिल हैं. कोर्ट ने इन लोगों की ओर से जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांग लोगों के सम्मान को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि जब सही मायने में अच्छे प्रयास किए जाते हैं, तो उनके अच्छे नतीजे जरूर सामने आते हैं.
बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे. कोर्ट ने मामले में समय रैना और बाकी चार लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को खत्म कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला समय रैना के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. कोर्ट ने मामले में बाद में किए गए सकारात्मक प्रयासों को भी ध्यान में रखा और दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में किए गए काम की सराहना की.
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