'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' और 'भाभी जी' के रेगुलर रोल ठुकरा चुके हैं राकेश बेदी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

धुरंधर फ्रेंचाइजी की सफलता के बीच राकेश बेदी ने बड़ा खुलासा किया है. अभिनेता ने बताया कि उन्होंने तारक मेहता का उल्टा चश्मा और भाभी जी घर पर हैं में रेगुलर रोल क्यों नहीं किए.

दिग्गज अभिनेता राकेश बेदी अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में मनीकंट्रोल संग बात करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि वह कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा और भाभीजी घर पर हैं जैसे हिट शो में रेगुलर रोल्स को क्यों रिजेक्ट कर देते हैं. राकेश बेदी ने बताया कि एक कलाकार का काम सिर्फ लिखे हुए डायलॉग बोलना नहीं होता. वह हर किरदार में अपनी सोच, अपनी स्टाइल और कुछ अनोखे एक्सप्रेशंस जोड़ने की कोशिश करते हैं. उनके मुताबिक, किसी भी यादगार किरदार के पीछे सिर्फ लेखक या निर्देशक नहीं, बल्कि अभिनेता की रचनात्मकता भी होती है.

राकेश बेदी अपने सीन को बनाते हैं मजेदार

उन्होंने अपने टीवी शोज के उदाहरण दिए. राकेश ने कहा, ”तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘दो सिर वाला बॉस’ या भाभीजी घर पर हैं में ‘दादू’ के किरदार को मैंने जिस तरह से गढ़ा, कई छोटी-छोटी खासियतें खुद तैयार की. यही वजह है कि दर्शकों को वे किरदार अलग और मजेदार लगे.” एक्टर ने कहा कि कई बार शूटिंग के दौरान कलाकार ओरिजनल स्क्रिप्ट को इतना मजेदार बना देते हैं कि सीन खत्म होते होते अपनी एक्टिंग देखकर हंस पड़ते हैं.

राकेश बेदी ने क्यों रिजेक्ट किया तारक मेहता का उल्टा चश्मा और भाबी जी जैसे शोज में रेगुलर रोल

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने रेगुलर टीवी रोल क्यों रिजेक्ट किए, तो उन्होंने साफ कहा कि डेली सोप्स कलाकारों से पूरा समय मांगते हैं. एक बार शो साइन करने के बाद लगातार डेट्स देनी पड़ती हैं. ऐसे में थिएटर, फिल्में और दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है. राकेश बेदी का माना कि अगर वह किसी लंबे टीवी शो में बंध जाते, तो शायद “धुरंधर” जैसी फिल्मों का हिस्सा नहीं बन पाते.

लीड रोल पाने के पीछे नहीं भागते हैं राकेश बेदी

उन्होंने यह भी कहा कि वह लीड रोल पाने के पीछे नहीं भागते हैं. उन्हें क्वॉलिटी रोल ज्यादा पसंद है. उनके लिए स्क्रीन टाइम मायने नहीं रखती. टीवी इंडस्ट्री में आए बदलावों पर बात करते हुए राकेश बेदी ने कहा कि पहले की तरह मजबूत कॉमेडी कंटेंट अब कम देखने को मिलता है. उनका मानना है कि आज सिचुएशनल कॉमेडी और अच्छी हास्य कहानियों की कमी है. यही कारण है कि वह पारंपरिक सास-बहू शोज का हिस्सा बनने में दिलचस्पी नहीं रखते.

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Published by: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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