दीपिका पादुकोण के लिए केक बनाना चाहती हैं मास्टरशेफ इंडिया की प्रियंका कुंडू,शो में पक्षपात को लेकर कही ये बात

रियलिटी शो मास्टर शेफ इंडिया के टॉप आठ प्रतियोगियों में कोलकाता की प्रियंका कुंडू ने अपनी जगह बना ली है. प्रियंका फ़िल्म थ्री इडियट्स के संवाद कामयाबी के नहीं, बल्कि काबिल बनने के पीछे भागो को अपनी जिंदगी का फलसफा करार देती हैं.

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न के रियलिटी शो मास्टर शेफ इंडिया के टॉप आठ प्रतियोगियों में कोलकाता की प्रियंका कुंडू ने अपनी जगह बना ली है. प्रियंका फ़िल्म थ्री इडियट्स के संवाद कामयाबी के नहीं, बल्कि काबिल बनने के पीछे भागो को अपनी जिंदगी का फलसफा करार देती हैं. उनकी अब तक की जर्नी और भविष्य सम्बन्धी योजनाओं पर उर्मिला कोरी की हुई बातचीत…

इस शो में अब तक का सफर कैसा रहा है?

जर्नी बहुत रोचक रही है. सात सालों का सपना रहा है. इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिला. बहुत मज़ा आया. मैंने मास्टर शेफ में दो बार पहले भी कोशिश की थी.

क्या आप हमेशा से ही कुकिंग में कैरियर बनाना चाहती थी?

पहले मैं कॉरपोरेट में नौकरी करती थी. सीनियर ऑडिटर थी. पांच साल तक नौकरी की. नौकरी के स्ट्रेस को कम करने के लिए मैं खाना बनाती थी और ऑफिस में सभी के लिए लेकर जाती थी. सभी मेरे खाने को बहुत चाव से खाते थे. यही सिलसिला चल रहा था. मैंने खुद से पूछा आखिर मैं ये सब क्यों कर रही हूं, जबकि मुझे पता है कि मुझे खाना बनाने में ही खुशी मिलती है. उसके बाद मैंने नौकरी छोड़ दी. मम्मी पापा खिलाफ थे, क्योंकि हम मिडिल क्लास से हैं. उन्हें पता है कि नौकरी ही सबसे बेहतर है.मैंने बोला दो साल दे दो. कुछ नहीं हुआ तो एमबीए करके फिर नौकरी में चली जाउंगी. मैंने फिर अपनी ट्रेनिंग शुरू की.मैंने केक बेकिंग सीखा. उसमें मैंने काफी अच्छा किया और दो साल के अंदर मेरा नाम इंटरनेशनल मैगज़ीन में आ गया.मेरा काम फेमस होने लग गया.उसके बाद घरवालों को लगा कि चलो कुछ कर लेगी. दो साल सात साल में बदल गए. जैसे मास्टर शेफ का मौका मिला फिर से किस्मत आज़मा लिया.उम्मीद लेकर नहीं गयी थी,लेकिन हो गया.

आपके पति और ससुराल वालों का कितना सपोर्ट रहा है?

बहुत सपोर्ट है. चार महीने से घर का शक्ल नहीं देखा.पूरे दिन में पति से सिर्फ इतनी ही बात होती है कि सेट पर जा रहे हैं. अब आ गए हैं. मेरी ससुराल की फैमिली हमेशा मुझे मोटीवेट करती है. वैसे मेरी ये अरेंज मैरिज है. शादी से पहले ही मैंने ये बोल दिया था कि मुझे अलग कमरा चाहिए मेरे केक के सामान के लिए. मेरा यही काम है. मैं यही करूंगी.मैं किसी दूसरी नौकरी पर नहीं जाऊंगी.

मास्टर शेफ की अब तक की जर्नी में सबसे मुश्किल वक़्त कौन सा था?

बहुत सारे थे.जब -जब हम ब्लैक एप्रोन चैलेंज में जाते हैं, तो लगता है कि यही डिश मेरा आखिरी डिश इस शो में होगी.हां ये जरूर सोचती हूं कि आसानी से हार नहीं मानूंगी. कुछ नया क्रिएट करूंगी.हलवा, खीर ही बनाना है, तो मास्टर शेफ में क्यों आयी हूं. मुझे उस लेवल का डिश बनाना चाहिए.

अब तक की जर्नी में आपके द्वारा क्रिएट किया गया आपका सबसे खास डिश?

सुंदरी कोमोला करके जो डिश थी. उसमे मैंने फ्रेंच और कोलकाता को मिलाया था. एक पेस्ट्री फ्रेंच स्टाइल में बनाया था. उसके अंदर बंगाल का कोमोला खीर और पपीते की प्लास्टिक चटनी को डाला था.

कुकिंग के अपने पैशन को कैरियर में चुनने में किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा था?

रिश्तेदार बोलते थे कि खाना बनाकर कितना कमा लेगी. अब कौन समझाए कि अच्छी खासी नौकरी वालों से ज्यादा मोमोज बेचने वाला कमाता है. रिश्तेदारों की बातों का मुझे फर्क नहीं पड़ता था, लेकिन यह जर्नी टफ थी.ज़ब से मैंने कॉलेज खत्म किया है. मैंने अपने मम्मी पापा से पैसे नहीं लिए हैं. नौकरी छोड़ने पर जो पैसे मिले थे. उससे बेकिंग सीखा. केक बेचकर मैं अपना खर्च निकालती थी. बुरा लगता था कि भाई, मम्मी पापा को हमेशा गिफ्ट देता था और मैं उन्हें कुछ भी नहीं दे पाती थी. मैंने चार पांच तक औरों का तो छोड़िए खुद के लिए रुमाल तक नहीं ख़रीदा था. मैं बस पैसे बेहतर से बेहतर बेकिंग सीखने में लगा रही थी.मैंने चार साल तक जमीन पर बैठकर वो डाइनिंग टेबल का मैट आता है 60 रुपये का उसपर रखकर मैंने 40 हज़ार के केक बनाएं हैं.मेरे पास ये नहीं था, इसलिए ये नहीं कर पायी, जो ये बोलता है. उनको ये समझना होगा कि किसी चीज को ना कहने के लिए आपके पास दस बहाने होंगे, लेकिन आपको एक वजह बस ढूंढ़नी होगी, जो आपको मोटीवेट करें कि ये मैं क्यों कर सकती है . मैं शादी के बाद भी उसी तरह से इंडिपेंडेंट हूं. हम घूमने जाते हैं, तो हम अपना -अपना खर्च खुद देते हैं. हम आज के दौर में हैं. पैसों के लिए क्यों पति पर भी निर्भर रहूं. मैं इस बात को बहुत मानती हूं कि जब तक आप कमाते हो. आपकी आवाज सुनी जाती है, इसलिए खुद को इस लायक बनाइए कि आपकी आवाज सुनी जाए .

आपमें कुकिंग की रूचि कब जगी थी?

मेरी दादी गज़ब खाना बनाती थी.बचपन में मैं में जल गयी थी. दिवाली के दिन लहंगे में आग लग गयी थी, तो पैर जल गया था. उसके बाद फैमिली ने कभी किचन में जाने नहीं दिया. उन्हें डर था कि कहीं वहां भी ना जल जाऊं. मैं कभी किचन में नहीं गयी. जब 12 क्लास में थी. मेरी दादी गुज़र गयी थी.टेस्ट ढूंढते -ढूंढते आप किचन में घुसते हो.वहां से जर्नी शुरू हुई और ऑफिस में काम करते हुए इसने स्पीड पकड़ा,क्योंकि आप कमा रहे हो तो आप कुकिंग बुक, खाने से अलग -अलग सामग्री खरीद पा रहे हो. ऑफिस के स्ट्रेस ने मुझे असल में कुकिंग सिखाया है.वैसे मेरी मम्मी भी कमाल का खाना बनाती है.आप उनसे पूछो मम्मी बिरयानी कैसे बनायीं वें बोलती हैं कि नमक, मिर्च, हल्दी और क्या. उनका तरीका है कि तुम स्वाद से पहचानो की इसमें क्या है.हम रेस्टोरेंट में कुछ भी खाते हैं, तो मेरी मां पूछती है कि बताओ इसमें क्या -क्या पड़ा है. फिर घर आकर हम वो चीज़ें बनाते भी हैं.दरअसल कभी हाथ पकड़ के नहीं सिखाया तो जिज्ञासा में नयी -नयी चीज़ें और बनाती थी.

बॉलीवुड की किस सेलिब्रिटी को अपने हाथ का बना क्या स्पेशल खिलाना चाहेंगी?

मैं दीपिका पादुकोण के लिए स्पेशल केक बेक करना चाहती हूं.उन्हें चॉकलेट केक बेहद पसंद है. उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें अपने हाथों से बना चॉकलेट केक खिला पाऊंगी.

इस शो में आप किस प्रतियोगी को अपने लिए चुनौती मानती हैं?

वैसे तो सभी हैं, लेकिन दीपा मैम की जानकारी ही एक अलग लेवल की है. उनको खाने को लेकर जानकारी और अनुभव कमाल का है. इस मामले में पूरे भारत को उन्होंने याद कर लिया है.मैंने उनको बोला है कि मास्टर शेफ के बाद मैं जब -जब आपसे मिलूंगी. हर बार आपके लिए खाने से जुड़ी कोई ऐसी समाग्री लाऊंगी, जिसके बारे में आपको भी पता नहीं होगा. उन्होंने बोला कोशिश करके देख लेना.

कई बार इस शो के जजेस पर पक्षपाती होने का भी आरोप लगा है, आपकी क्या राय है?

हम जिस बैकग्राउंड से आ रहे हैं. मुझे लगता है कि हमें मौका मिला है. वही बड़ी बात है.इसके अलावा मैं और कुछ नहीं सोचती हूं. मैं बस अपना बेस्ट देना चाहती हूं.

मास्टर शेफ जीतने के बाद जीत की इनामी राशि से क्या करने वाली हैं?

अपना इंस्टिट्यूट शुरू करना चाहती हूं, जहां मैं लोगों को बेकिंग, कुकिंग सीखा सकूं. कुकिंग सीखाने को भी मैं बहुत एन्जॉय करती हूं.

अपना इंस्टिट्यूट शुरू करना चाहती हूं, जहां मैं लोगों को बेकिंग, कुकिंग सीखा सकूं. कुकिंग सीखाने को भी मैं बहुत एन्जॉय करती हूं.

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Published by: कोरी

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