Oscars 2024: Jharkhand के बाप-बेटी की कहानी 'टू किल ए टाइगर' को नहीं मिला ऑस्कर, इस डॉक्यूमेंट्री से हारी फिल्म

Oscars 2024: 96वें अकादमी पुरस्कार यानी ऑस्कर 2024 लॉस एंजिल्स में आयोजित किया गया. इसमें डॉक्यूमेंट्री 'टू किल ए टाइगर' ऑस्कर पाने से चूक गई. इसी के साथ इस साल भारत का ऑस्कर जीतने का सपना-सपना ही रह गया.

Oscars 2024: ऑस्कर 2024 का आयोजन आज 10 मार्च, 2024 को लॉस एंजेलिस में हो रहा है. समारोह को होस्ट जिमी किमेल कर रहे हैं. इसे आप भारत में डिज्नी+हॉटस्टार पर देख सकते है.

इस साल भारत से निशा पाहुजा की डॉक्यूमेंट्री ‘टू किल ए टाइगर’ ऑस्कर पाने से चूक गई. फिल्म अपने नाम अवॉर्ड नहीं कर पाई और इसे निराशा हाथ लगी.

डॉक्यूमेंट्री ‘टू किल ए टाइगर’ को यूक्रेन की ’20 डेज इन मारियुपोल’ ने हरा दिया. ’20 डेज इन मारियुपोल’ ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है.

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म की कैटेगरी में चार और नॉमिनेशन्स थे- टू किल ए टाइगर, द एटरनल मेमौरी, फॉर डॉटर्स और बॉबी वाइन: द पीपल्स प्रेसिडेंट. हालांकि 20 डेज इन मारियुपोल ने सबको पीछे छोड़ते हुए अपने नाम ऑस्कर कर लिया.

यह डॉक्यूमेंट्री झारखंड के एक परिवार के जीवन पर आधारित है. इसमें बताया है कि 13 साल की एक मासूम बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म होता है. ये 13 वर्षीय लड़की के पिता के संघर्षों का वर्णन करती है, जो अपने बेटी के न्याय दिलाने की कोशिश करता है.

बता दें कि टू किल अ टाइगर के साथ प्रियंका चोपड़ा एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़ी है. टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में ये फिल्म देखकर एक्ट्रेस काफी इमोशनल हो गई थी.

टू किल अ टाइगर को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं. हाल ही में मूवी ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज की गई है.

Oscars 2024: Cillian Murphy को मिला बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड, भारत की डॉक्यूमेंट्री ‘टू किल ए टाइगर’ हुई बाहर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >