वेटरन एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद हेमा मालिनी सोमवार को नई दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन शामिल हुई. सत्र के बाद उन्होंने संसद के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों पर प्रतिक्रिया दी. ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह विरोध करने से कोई फायदा नहीं होगा.
What Hema Malini Said: हेमा मालिनी ने क्या कहा?
हेमा मालिनी ने कहा कि ऐसे मुद्दों का समाधान विरोध-प्रदर्शन से नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि वह इस विषय पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहती हैं और सरकार इस मामले में उचित फैसला करेगी.
उन्होंने मीडिया से कहा, “छात्रों को आप शामिल करते हैं, बेचारे को गुमराह नहीं करना चाहिए ना? बराबर बताना चाहिए क्या समस्या है. उन्हें कुछ अच्छा करने में खुश होना चाहिए. मैं बस यही कहूंगी, कि इस मामले को बातचीत के जरिए समझाया जाना चाहिए".
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे विरोध करने के बजाय तो कोई काम नहीं होगा. देश के युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई कदम उठाए हैं और इस दिशा में लगातार काम किया है”.
About CJP Parliament March: सीजेपी की संसद चलो मार्च के बारे में
CJP ने नीट परीक्षा में पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला गया है. संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह मार्च निकला है. यह मार्च संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन हुआ, इसलिए सेंट्रल दिल्ली और संसद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी. वांगचुक इस समय सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं. दिपके ने 18 जुलाई को, वांगचुक के 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती होने के विरोध में यह अनशन शुरू किया था. बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच सीजेपी के प्रतिनिधि आशुतोष रांका और सौरभ दास ने आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की.
