Exclusive: इंडस्ट्री में पुरुष और महिला एक्टर्स में भेदभाव तो है- अदिति गुप्ता

अदिति गुप्ता इनदिनों धारावाहिक धड़कन ज़िन्दगी की में डॉक्टर दीपिका की भूमिका निभा रही हैं. शो के बारे में एक्ट्रेस ने खुलकर बात की. साथ ही पर्सनल लाइफ के बारे में भी बताया.

किस देश में है मेरा दिल और इश्कबाज जैसे शोज का हिस्सा रही अभिनेत्री अदिति गुप्ता इनदिनों धारावाहिक धड़कन ज़िन्दगी की में डॉक्टर दीपिका की भूमिका निभा रही हैं. यह शो दीपिका के सफर में झांकता है, जिसे अपने सपने पूरे करने के लिए अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी में रूढ़िवादी सोच का सामना करना पड़ता है. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत

इस शो में आपको क्या अपील कर गया?

जब मैंने नरेशन में शो का आईडिया सुना तो ही मुझे अपील कर गया. जब मैंने पहला एपिसोड सुना तो मैंने उसी वक़्त तय कर लिया कि मुझे इस मौके को नहीं खोना है.

यह शो मेडिकल बैकड्रॉप पर है और आप डॉक्टर बनी हैं क्या खास बातें इस प्रोफेशन की इस दौरान आपने जानी?

जब से मैंने शूटिंग शुरू की है. मैं कई मेडिकल टर्म्स के बारे में जानने लगी हूं. एक बहुत ही रोचक जानकारी मुझे मालूम पड़ी कि गर्भवती महिला के बच्चे की धड़कन को चेक करने के लिए स्टेथोस्कोप को सीधा नहीं बल्कि उल्टा करके रखना पड़ता है.

क्या आपने अपनी शूटिंग सेट्स पर किसी तरह का भेदभाव महसूस किया है?

मैं इन्डस्ट्री में तेरह साल से हूं तो मैं इस मुकाम पर हूं कि मैं अपनी शर्तों पर काम कर सकती हूं लेकिन हमारी इन्डस्ट्री में पुरुष और महिला में थोड़ा ही सही भेदभाव है।एक्टर को बड़ी वैनिटी वैन मिलती है एक्ट्रेसेज को नहीं. फीमेल एक्ट्रेसेज को अपने शॉट का इंतज़ार करना पड़ता है. पुरूष अभिनेता पहले अपने शॉट पूरे करते हैं क्योंकि उन्हें जल्दी घर जाना होता है.

आपका बचपन कैसा था क्या घर में लड़की होने के नाते आप भेदभाव से गुजरी हैं?

मैं यूपी से हूं लेकिन मेरे माता पिता बहुत ही प्रोग्रेसिव सोच के हमेशा से रहे हैं. मेरा भाई बहुत ही पढ़ाकू था. उसे घर में रहना पसंद था जबकि मैं बिल्कुल भी अलग थी. मुझे बाहर रहना ज़्यादा पसंद था. घर वाले मुझे जल्दी आने को कहते थे लेकिन वो सुरक्षा की वजह से था. हां मेरे माता पिता चाहते थे कि मैं डॉक्टर या इंजीनियर बनूँ लेकिन मैं उन्हें साफ मना कर दिया कि मुझे फैशन डिजाइनर बनना है. मैं अपनी बात को रखने में कभी पीछे नहीं हटती हूं.

इस शो का कांसेप्ट काफी अलग है क्या आपको लगता है कि दर्शक इस तरह के शो देखने को राजी हैं?

टीवी के दर्शक अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर नहीं आना चाहते हैं और यही वजह है कि कई शोज जिन्होंने कुछ अलग करने की कोशिश लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. इस शो से जुड़ी हमारी पूरी टीम का यह सोचना है कि अगर इस शो को देखने के बाद एक पति की भी सोच बदलती है तो हम समझेंगे कि हम अपने मकसद में कामयाब हुए.

आपकी शादी को तीन साल हो गए हैं, आपकी ज़िंदगी कितनी बदली है?

मेरे पति मेरे बहुत बड़े सपोर्ट हैं. मेरे पति कंस्ट्रक्शन बिजनेस में है. उनका और मेरा फील्ड बिल्कुल अलग है. वो ज़्यादा टेलीविज़न नहीं देखते हैं लेकिन वे मेरे काम को समझते हैं. वे खुद भी बहुत वर्कोहॉलिक हैं तो वो समझते हैं कि काम मेरे लिए कितना अहम है.

आप ग्लैमर वर्ल्ड से हैं तो क्या यह बात उन्हें असुरक्षित करती है?

बिल्कुल भी नहीं, मुझे लगता है कि वह सुरक्षा की भावना मैं उन्हें देती हूं तो उन्हें इनसिक्योर होने की क्या ज़रूरत है.

आप घर के कामों में कितनी अच्छी हैं?

अच्छी हूं लेकिन यह पूरी तरह से मेरे मूड पर है कि मुझे खाना बनाना है या नहीं. अगर मन है तो बना दूंगी नहीं तो नहीं. मेरे सास ससुर भी बहुत खुले विचारों के हैं. वे भी मेरे करियर की ग्रोथ में मेरी मदद करते हैं.

क्या कभी लगता नहीं कि फिल्मों में एक्टिंग करूं?

कोई फ़िल्म आफर ही नहीं करता है. टीवी से आए एक्टर्स को फिल्मों के लिए बॉलीवुड वाले कमतर ही मानते हैं. इस हकीकत को कभी झुठलाया नहीं जा सकता है.

आजकल ओटीटी भी काफी पॉपुलर है क्या बोल्ड होने की वजह से आपका परिवार राजी नहीं होगा?

ओटीटी में अब फैमिली शो भी बनने लगे हैं. जहां तक न स्क्रीन बोल्ड सीन करने की बात है तो वो मेरा फैसला होगा. मेरे पति या सास ससुर का नहीं.

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लेखक के बारे में

Author: कोरी

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