हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार संजीव कुमार आज भी अपनी शानदार अदाकारी के लिए याद किए जाते हैं. हालांकि वह ज्यादा दिनों तक दर्शकों को एंटरटेन नहीं कर पाए. नवंबर 1985 में महज 47 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. दशकों बाद अभिनेता सचिन पिलगांवकर और अभिनेत्री तबस्सुम ने उनसे जुड़ा एक इमोशनल किस्सा सुनाया था.
Sanjeev Kumar Predicted His Own Early Death: अपनी मौत को लेकर संजीव कुमार ने कही थी ऐसी बात
अभिनेत्री तबस्सुम ने संजीव कुमार से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया था. तबस्सुम के मुताबिक, संजीव कुमार ने उनसे कहा था, "एक हस्तरेखा विशेषज्ञ ने मुझसे कहा था कि मैं लंबी उम्र नहीं जी पाऊंगा और शायद कभी बुढ़ापा नहीं देख सकूंगा. इसलिए मैं फिल्मों में बुजुर्ग किरदार निभाता हूं, ताकि कम से कम पर्दे पर उस जिंदगी को महसूस कर सकूं, जिसे शायद असल जिंदगी में जीने का मौका मुझे न मिले." यही वजह थी कि 30 और 40 की उम्र में भी संजीव कुमार ने 'शोले', 'मौसम', 'सवाल' और 'त्रिशूल' जैसी फिल्मों में उम्रदराज किरदार निभाए.
When Sachin Pilgaonkar Recalled Last Meeting With Sanjeev Kumar: संजीव कुमार संग आखिरी मुलाकात को सचिन पिलगांवकर ने किया था याद
सचिन पिलगांवकर और संजीव कुमार काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे. बॉलीवुड आज और कल संग एक पुराने इंटरव्यू में सचिन पिलगांवकर ने दिग्गज अभिनेता संग अपनी आखिरी मुलाकात को याद किया. उन्होंने कहा, "मैं उनसे एक दिन पहले मिला था, जब वह डबिंग कर रहे थे. उसी दौरान मैंने कहा था कि अगले दिन आपसे मिलने आऊंगा. उन्होंने मुझसे सुबह आने के लिए कहा, लेकिन मैंने जवाब दिया कि पहले कुछ काम निपटाने हैं, इसलिए दो या ढाई बजे तक पहुंचूंगा. उन्होंने फिर पूछा, 'क्या थोड़ा पहले नहीं आ सकते?' मैंने कहा कि काम खत्म करके ही आ पाऊंगा. इस पर उन्होंने कहा, 'ठीक है.'"
This Is How Sanjeev Kumar Died: कुछ यूं हुई थी संजीव कुमार की मौत
सचिन ने आगे बताया, "अगले दिन मैं करीब ढाई बजे उनके घर पहुंचा. मैंने पूछा कि संजीव कुमार कहां हैं, तो घरवालों ने बताया कि वह अपने कमरे में हैं और नहा रहे हैं. मैं करीब आधे घंटे तक इंतजार करता रहा. फिर मैंने पूछा कि क्या उनकी तबीयत ठीक नहीं है. तब पता चला कि वह अस्वस्थ हैं और उनका सेक्रेटरी डॉक्टर को बुलाने गया है. कुछ देर बाद जमनादास जी और डॉक्टर गांधी वहां पहुंचे. मैंने उनसे पूछा कि आखिर हुआ क्या है. उन्होंने बताया कि संजीव कुमार को उल्टी हुई थी. वह पिछली रात करीब तीन या चार बजे घर लौटे थे."
सचिन ने कहा, "मुझे यह जानकर बहुत गुस्सा आया कि तबीयत खराब होने के बावजूद वह देर रात तक काम कर रहे थे. मैंने सोचा था कि जैसे ही उनसे मिलूंगा, उन्हें जरूर डांटूंगा. वह सिर्फ मेरे दोस्त ही नहीं थे, बल्कि मेरे मार्गदर्शक भी थे. हमारे बीच ऐसा रिश्ता था कि हम हर बात खुलकर एक-दूसरे से शेयर करते थे. समय बीतता जा रहा था और मुझे लगने लगा कि कुछ ठीक नहीं है. सबसे अजीब बात यह थी कि घर में कोई भी उनके कमरे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था. आखिर मैंने खुद ही अंदर जाने का फैसला किया. मैंने सोचा कि अगर वह कपड़े बदल रहे होंगे तो माफी मांगकर बाहर आ जाऊंगा."
सचिन ने भावुक होते हुए कहा, "जैसे ही मैंने कमरे का दरवाजा खोला, अंदर का नजारा देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई. पहले तो कोई दिखाई नहीं दिया, लेकिन फिर मेरी नजर कालीन पर पड़े उनके पैरों पर गई. मैं आगे बढ़ा तो देखा कि संजीव कुमार फर्श पर औंधे मुंह पड़े थे और उनका एक हाथ दरवाजे की तरफ फैला हुआ था. यह देखकर मैं जोर से चिल्लाया और तुरंत डॉक्टर को बुलाया. डॉक्टर ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. उन्होंने संजीव कुमार को सीधा किया और उनकी छाती दबाकर उन्हें होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टर ने हमें बताया कि उनका काफी पहले ही निधन हो चुका था. यह सुनते ही ऐसा लगा जैसे मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई हो."
Sanjeev Kumar Bad Habit: संजीव कुमार को थी ये बुरी आदत
सचिन पिलगांवकर ने बताया, "संजीव कुमार की कुछ ऐसी आदतें थीं, जो उनकी सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं थीं. शूटिंग खत्म होने के बाद वह अक्सर काफी शराब पीते थे और खाना भी भरपूर खाते थे. वरिष्ठ अभिनेता परीक्षित साहनी भी मानते थे कि यही आदतें उनकी बिगड़ती सेहत की बड़ी वजह बनीं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि लगातार शराब पीना, ज्यादा खाना और आखिरकार हार्ट अटैक ने उनकी जान ले ली."
Sanjeev Kumar Rented A House To Eat Non-Vegetarian Food: सचिन ने नॉन वेज खाने के लिए किराये पर लिया था घर
सचिन ने एक और दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया, "संजीव कुमार ने मुंबई के पाली हिल में एक अलग वन बीएचके फ्लैट किराए पर लिया था. वजह यह थी कि उनके पारिवारिक घर में नॉन-वेज खाना बनाने या खाने की अनुमति नहीं थी. इसलिए वह अपने दोस्तों के साथ वहीं समय बिताया करते थे." उन्होंने कहा, "उस फ्लैट पर अक्सर शम्मी कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, रणधीर कपूर और मैं इकट्ठा होते थे. हम लोग घंटों बैठकर बातें करते, ड्रिंक्स लेते और फिर देर रात पाया और निहारी खाते थे. कई बार पाया को चार-पांच बार गर्म करना पड़ता था, क्योंकि हम सुबह करीब पांच बजे तक बैठे रहते थे. इसके बाद बेकरी के नान के साथ उस खाने का पूरा मजा लेते थे."
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