बिना फीस लिए Kangana Ranaut को जॉन अब्राहम ने दे दिया 'भारत भाग्य विधाता' का टाइटल, पहले ये था फिल्म का नाम

Kangana Ranaut: कंगना रनौत ने खुलासा किया कि फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' का टाइटल पहले जॉन अब्राहम के नाम पर रजिस्टर्ड था. जॉन ने एक रिक्वेस्ट पर उन्हें टाइटल दे दिया.

Kangana Ranaut: बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में बिजी हैं. हाल ही में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया, जहां कंगना ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि फिल्म के मौजूदा टाइटल को पाने में जॉन अब्राहम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

भारत भाग्य विधाता के टाइटल को लेकर क्या बोली कंगना रनौत

कंगना रनौत ने खुलासा किया कि फिल्म का नाम शुरुआत में ‘नर्सेस ऑफ कामा’ रखा गया था, लेकिन जैसे-जैसे कहानी और स्टोरीलाइन का काम आगे बढ़ा, मेकर्स को लगा कि ‘भारत भाग्य विधाता’ इसे बेहतर तरीके से जस्टिफाई कर सकता है. जब टीम ने इस नाम को रजिस्टर करने का फैसला किया, तब उन्हें पता चला कि यह टाइटल पहले से ही जॉन अब्राहम के नाम पर रजिस्टर्ड है.

जॉन ने बिना फीस लिए कंगना को दे दिया टाइटल

इसके बाद निर्माताओं ने जॉन अब्राहम से संपर्क किया और उनसे टाइटल देने की रिक्वेस्ट की. कंगना के मुताबिक, जॉन ने बिना किसी देरी के उनकी मदद की. उन्होंने सिर्फ एक दिन के अंदर यह टाइटल फिल्म की टीम को सौंप दिया और इसके बदले किसी भी तरह की फीस लेने से इनकार कर दिया. कंगना ने कहा कि आमतौर पर फिल्म इंडस्ट्री में लोग आसानी से टाइटल छोड़ने के लिए तैयार नहीं होते, लेकिन जॉन ने बेहद उदारता दिखाते हुए यह काम किया. इसके लिए वह उनकी बेहद आभारी हैं.

कैसे कंगना ने चुना भारत भाग्य विधाता नाम

कंगना ने यह भी बताया कि फिल्म के नाम की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार से मिली, जिसमें उन्होंने देश के मेहनतकश लोगों को भारत के भविष्य और भाग्य का निर्माता बताया था. इसी सोच को ध्यान में रखते हुए फिल्म का नाम चुना गया.

भारत भाग्य विधाता के बारे में

भारत भाग्य विधाता में कंगना एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं. कहानी मुंबई के कामा अस्पताल की उन बहादुर नर्सों पर आधारित है, जिन्होंने 26/11 आतंकी हमलों के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरिजा ओक, स्मिता तांबे जैसे कलाकारों की टोली है. यह 12 जून को रिलीज होगी.

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Published by: Ashish Lata

आशीष लता डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के साथ एंटरटेनमेंट हेड के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया इंडस्ट्री में करीब 7 साल का अनुभव रखने वाली आशीष ने एंटरटेनमेंट से लेकर देश-दुनिया और विभिन्न राज्यों की खबरों पर गहराई से काम किया है. बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी खबरों के कंटेंट प्रोडक्शन में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है. वह खबरों को आसान, रोचक और पाठकों की रुचि के अनुसार पेश करने के लिए जानी जाती हैं. एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में आशीष की खास दिलचस्पी सिनेमा और सितारों की दुनिया से जुड़ी खबरों में रही है. वह बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS अपडेट्स, सेलेब्रिटी गॉसिप, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट, टीवी शोज, वेब सीरीज और स्टार इंटरव्यू जैसे विषयों पर लगातार लिखती रही हैं. इसके अलावा स्पेशल और प्रीमियम न्यूज कंटेंट तैयार करने में भी उनकी खास विशेषज्ञता मानी जाती है. उनकी राइटिंग स्टाइल में फैक्ट्स, एंटरटेनमेंट वैल्यू और रीडर्स फर्स्ट अप्रोच का अच्छा संतुलन देखने को मिलता है. आशीष लता ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्लस न्यूज से की थी. यहां उन्होंने बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स कीं. इस दौरान उन्होंने अशोक चौधरी और नगर निगम अध्यक्ष जैसे कई प्रमुख नेताओं के इंटरव्यू भी किए. शुरुआती दौर में रिपोर्टिंग और फील्ड जर्नलिज्म के अनुभव ने उनकी लेखन शैली और न्यूज प्रेजेंटेशन को और मजबूत बनाया. इसके बाद आशीष ने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में रहते हुए उन्होंने न्यूज कवरेज, डिजिटल कंटेंट और एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग के कई अलग-अलग फॉर्मेट्स पर काम किया. लगातार बदलते डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स को समझते हुए उन्होंने अपने कंटेंट को हमेशा ऑडियंस फ्रेंडली और SEO ऑप्टिमाइज्ड बनाए रखा. पटना में जन्मी आशीष लता की शुरुआती पढ़ाई पटना सेंट्रल स्कूल, सीबीएसी से हुई. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की. आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया किया. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और मीडिया अनुभव उन्हें हिंदी पत्रकारिता के उन मूल सिद्धांतों की मजबूत समझ प्रदान करते हैं, जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल 5Ws+1H यानी पर आधारित न्यूज राइटिंग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.

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