जावेद अख्तर ने स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने में की देरी, यूजर्स बोले- सुबह से कहां थे अंकल?

Javed Akhtar trolled for independence day tweet : भारतीय सिनेमा जगत के प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) अपने गानों के लिए जाने जाते है. इसके साथ वे अपनी बेबाकी के लिए भी मशहूर है. लेकिन कई बार वो अपनी बातों के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल हो जाते है. इस बार जब उन्होंने लोगों को देर से स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी तो यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे.

Javed Akhtar trolled for independence day tweet : भारतीय सिनेमा जगत के प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) अपने गानों के लिए जाने जाते है. इसके साथ वे अपनी बेबाकी के लिए भी मशहूर है. लेकिन कई बार वो अपनी बातों के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल हो जाते है. इस बार जब उन्होंने लोगों को देर से स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी तो यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे.

जावेद अख्तर ने लिखा, ”मेरे सभी हिंदुस्तानी भाइयों और बहनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं. हमारी स्वतंत्रता अमर रहे.” ये ट्वीट जावेद अख्तर ने देर रात में किया था. जिसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी क्लास लगा दी. लोगों ने उनके इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

यूजर्स ने कमेंट कर कहा, सुबह से कहां थे अंकल. एक यूजर ने लिखा, इतनी जल्दी क्यों विश कर रहे. कुछ दिन और रूक जाते तो सीधे 26 जनवरी को ही विश करते. एक अन्य यूजर ने लिखा, अभी सोकर उठे है. वहीं, कई यूजर्स उनके देर से ट्वीट करने पर खासा नाराज दिखे.

इससे पहले जावेद अख्तर ने लाउडस्पीकर पर अजान देने को परेशान करने वाला बताया था, जिसके बाद भी उन्हें लोगों खूब ट्रोल किया था. जावेद ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘भारत में तकरीबन 50 साल तक लाउडस्पीकर पर अजान हराम थी. इसके बाद ये हलाल हो गई और इस कदर हलाल हुई कि इसकी कोई सीमा ही नहीं रही. अजान करना ठीक है लेकिन लाउडस्पीकर पर इसे करना दूसरों के लिए असुविधा का कारण बन जाता है. मुझे उम्मीद कि कम से कम इस बार वो इसे खुद करेंगे.

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जावेद के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था. एक यूजर ने लिखा था हमारे यहां ‘हमारे यहां मंदिर में रोज लाउडस्पीकर पर भजन बजते हैं इस पर आपकी क्या राय है? इस पर जावेद अख्तर ने जवाब दिया,’ वो मंदिर हो या मस्जिद कभी किसी त्योहार पर लाउडस्पीकर हो, तो चलो ठीक है. मगर रोज रोज तो न मंदिर में होना चाहिए न मस्जिद में. हजार से अधिक वर्षों के लिए अजान लाउडस्पीकर के बिना दी गई थी. अजान आपके विश्वास का अभिन्न अंग है, यह गैजेट नहीं है.

Posted By: Divya Keshri

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