'मुझे कई बार इंडस्ट्री से खत्म मान लिया गया था, लेकिन मैं लौट आया', गोविंदा ने किया कमबैक का ऐलान, कहा- 14 साल तक सुपरस्टार रहा

लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर रहे गोविंदा ने आखिरकार अपनी नई फिल्म 'रूपा' का ऐलान कर दिया है. जानें उनके कमबैक की खास बातें और लकी नंबर 14 का राज.

Govinda Comeback: लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर रहे गोविंदा ने आखिरकार अपनी नई फिल्म 'रूपा' का ऐलान कर दिया है. सोमवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने अपनी कमबैक फिल्म का खुलासा किया. इस फिल्म में उनके साथ नई एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार नजर आएंगी. गोविंदा सिर्फ फिल्म के मुख्य एक्टर ही नहीं, बल्कि इसके निर्माता भी हैं.

Govinda on His Comeback: गोविंदा ने कहा- 'मुझे कई बार खत्म मान लिया गया'

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गोविंदा ने कहा, "शायद मेरी किस्मत में यही लिखा था कि मुझे कई बार लोगों ने खत्म मान लिया. लोगों ने कहा कि अब मैं फिल्मों में नजर नहीं आऊंगा. लेकिन मैं हर बार फिर से शुरुआत करता हूं. मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि जिस सोच के साथ मैंने यह फिल्म बनाई है और जिसकी कल्पना भी लोग नहीं कर सकते, वह दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए. यह फिल्म खास तौर पर युवाओं के लिए है. जब वे इसे सिनेमाघरों में देखेंगे तो उनके कई सपने सच होने जैसे महसूस होंगे. मैं इस फिल्म में आध्यात्मिक बातों पर चर्चा नहीं करूंगा." गोविंदा ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि 'रूपा' दर्शकों को कुछ नया अनुभव देगी.

Why Number 14 is Special For Govinda: नंबर क्यों है गोविंदा के लिए खास?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंदा ने अपने लकी नंबर 14 का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "14 मेरा लकी नंबर है. मेरा नाम भी न्यूमरोलॉजी के हिसाब से रखा गया है. बहुत छोटी उम्र से ही मेरा इस पर विश्वास रहा है. जब मैं 14 साल का था, तभी भगवान का आशीर्वाद मिला. मैंने सिर्फ एक हफ्ते में 14 फिल्में साइन की थीं. इसके बाद 14 साल तक सुपरस्टार रहा. फिर 14वीं लोकसभा का सांसद बना. उसके बाद करीब 14 साल संघर्ष किया और फिर फिल्मों में वापसी की. इस बार मैं पांच साल से ज्यादा इंतजार नहीं करना चाहता था. मैंने खुद से कहा कि अब फिर से शुरुआत करनी है और मुझे उम्मीद है कि यह नई यात्रा यहीं से शुरू हो रही है."

Govinda Shares His Struggle: गोविंदा ने कहा-'लोग कहते थे हीरो नहीं बन सकते'

गोविंदा ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, "जब मैं गांव में कहता था कि मैं हीरो बनूंगा तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे. वे कहते थे कि तुम न सिगरेट पीते हो, न शराब पीते हो, न मांस खाते हो, न लहसुन-प्याज खाते हो, फिर हीरो कैसे बनोगे? कुछ लोग कहते थे कि अगर डरकर भागोगे तो संत बन जाओगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. मैंने वही किया जो मेरी मां चाहती थीं. आज मुझे लगता है कि यह फिल्म बच्चों के लिए बहुत जरूरी है. ऐसी फिल्में बननी चाहिए ताकि बच्चे आगे बढ़ने की प्रेरणा ले सकें."


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Published by: Divya Keshri

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