रिकॉर्ड्स की रानी आशा भोसले के जीवन की वो कमी, जिसे वह कभी पूरा नहीं कर सकीं

आशा भोसले ने एक बार अपने जीवन पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें कम पढ़ाई करने का हमेशा अफसोस रहा. उनका कहना था कि अगर उन्हें बेहतर शिक्षा मिलती, तो वह और बढ़ती तक पहुंच सकती थीं.

वेटरन सिंगर आशा भोसले ने का रविवार (12 अप्रैल) को मुंबई में 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन के साथ ही देश ने एक महान और दिग्गज कलाकार को खो दिया. हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली और महान गायिकाओं में उनकी गिनती हमेशा होती रही है. उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को प्रभावित किया. उन्होंने कई अवॉर्ड्स के साथ उन्होंने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए, लेकिन उन्हें एक बात का अफसोस हमेशा रहा. इस बारे में उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में बताया.

शिक्षा को लेकर क्या बोलीं आशा भोसले?

रिपोर्ट्स के अनुसार, आशा भोसले ने कोई औपचारिक स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की थी. साल 1943 में उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था और 10 साल की उम्र में ही अपने गायन करियर की शुरुआत कर दी थी. दुबई स्थित ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के लीडरशिप लेक्चर सीरीज कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया जो वह युवा पीढ़ी को क्या मैसेज देना चाहेंगी. इसपर उन्होंने कहा था, “एक व्यक्ति अपनी सफलता के लिए खुद जिम्मेदार होता है. जो लोग दिन-रात मेहनत करते हैं और लगातार अपने काम में लगे रहते हैं, वे हमेशा सफल होते हैं. आपके स्कूल के लिए मेरा संदेश यह है कि मैंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की. आज जब मैं विदेश जाती हूं, जैसे अमेरिका या लंदन, और वहां के गाने सुनती हूं, तो मुझे अफसोस होता है. मुझे बुरा लगता है कि मैं उनका जैसा उच्चारण नहीं सीख पाई.”

आशा भोसले को था इस बात का अफसोस

आगे आशा भोसले ने कहा था, “मुझे सच में लगता है कि मुझे और पढ़ाई करनी चाहिए थी, लेकिन उस समय मेरी पीढ़ी में लगभग 80 साल पहले, महिलाओं को शिक्षा देने का कोई खास महत्व नहीं माना जाता था. कहा जाता था कि महिलाओं का काम सिर्फ घर का काम करना और बच्चे पैदा करना है, तो उन्हें पढ़ाने की क्या जरूरत है. इसलिए मेरी पढ़ाई नहीं हो पाई. अब मुझे बहुत अफसोस होता है कि अगर हमें पढ़ने का मौका मिला होता और हमें शिक्षा दी गई होती, तो हम जीवन में और ऊंचाइयों तक पहुंच सकते थे. मैं अंग्रेजी गानों में भी बहुत आगे जा सकती थी, क्योंकि हमारी शैली और अंग्रेजी शब्दों का मेल मुझे और ऊंचाई तक ले जा सकता था.”

20 से अधिक भाषाओं में गाया गाना

आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में गाने गाए हैं, जिनमें रूसी और मलय जैसी भाषाएं भी शामिल हैं. उनके संगीत में दिए गए योगदान को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान Dadasaheb Phalke Award शामिल है. इसके अलावा, उन्हें कई बार National Film Award और Filmfare Award से भी नवाजा गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें पहचान मिली है, जिसमें ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए नामांकन भी शामिल है.

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By Divya Keshri

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शिक्षा और पत्रकारिता की शुरुआत

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