...तो ''बाला'' फिल्म में काला नहीं, गोरा होता भूमि पेडनेकर का किरदार

मुम्बई : फिल्म ‘बाला’ के निर्देशक अमर कौशिक ने कहा है कि इस फिल्म में भूमि पेडनेकर की भूमिका के लिए पहले वह किसी गेहूंआ रंग की अदाकारा को लेना चाहते थे. भूमि के अपने किरदार के रंग के साथ पूरी तरह सहज होने का जिक्र करते हुए कौशिक ने कहा कि उनकी टीम पहले […]

मुम्बई : फिल्म ‘बाला’ के निर्देशक अमर कौशिक ने कहा है कि इस फिल्म में भूमि पेडनेकर की भूमिका के लिए पहले वह किसी गेहूंआ रंग की अदाकारा को लेना चाहते थे.

भूमि के अपने किरदार के रंग के साथ पूरी तरह सहज होने का जिक्र करते हुए कौशिक ने कहा कि उनकी टीम पहले एक गेहूआं रंग वाली अदाकारा को लेना चाहते थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.

कौशिक ने एक साक्षात्कार में कहा, शुरुआत में गेहूंआ रंग की अदाकारा को लेने पर विचार किया जा रहा था. मैं यह नहीं बता सकता कि हमने किससे सम्पर्क किया क्योंकि यह सही नहीं होगा.

ऑडिशन के दौरान आपको पता चलता है कि वह अभिनेता या अभिनेत्री किरदार के लिए उपयुक्त होगा या नहीं. मुझे लगा कि भूमि इसके लिए बेहतरीन रहेंगी. आयुष्मान खुराना अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे शख्स की कहानी है जिसकी युवावस्था में ही बाल उड़ जाते हैं.

फिल्म को खुद से प्यार करने के लिए दिये संदेश को लेकर जहां सराहना मिल रही है वहीं भूमि को गेहूंआ रंग में दिखाने पर कई सवाल भी उठ रहे हैं विवाद पर कौशिक ने कहा, भूमि इस किरदार के लिए एकदम सही थी लेकिन उनके रंग के लिए हमने उनपर कुछ विमर्श भी किये थे.

अगर एक अभिनेता ऐसा करता है तो कोई सवाल नहीं उठाता लेकिन एक अदाकारा के ऐसा करने पर लोग पूछने लगते हैं कि ऐसा क्यों किया गया. मेरे लिए आवश्यक यह है कि वह एक कलाकार के तौर पर कैसी हैं.

कौशिक ने कहा कि अपने रूप रंग के साथ प्रयोग करना एक अभिनेता/अभिनेत्री के काम का हिस्सा है और ऐसा ना करने पर वह एक छवि में बंध सकते हैं.

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