#MeToo अनुभव साझा करने वाली महिलाओं से सबूत मांगना बेवकूफी : करण जौहर

मुंबई : फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि ‘अभियान के तहत सामने आईं कहानियां दिल दुखाने वाली हैं और लोगों का महिलाओं के दावों के समर्थन में ‘कोई सबूत ना होने’ की बात कहना ‘बेवकूफी’ है. जौहर ने कहा कि अपने अनुभव साझा करने वाली महिलाओं की सराहना करने और उनपर भरोसा करने की […]

मुंबई : फिल्मकार करण जौहर का कहना है कि ‘अभियान के तहत सामने आईं कहानियां दिल दुखाने वाली हैं और लोगों का महिलाओं के दावों के समर्थन में ‘कोई सबूत ना होने’ की बात कहना ‘बेवकूफी’ है. जौहर ने कहा कि अपने अनुभव साझा करने वाली महिलाओं की सराहना करने और उनपर भरोसा करने की जरूरत है.

जौहर ने कहा, ‘आवाज उठाने वाली हर महिला का सम्मान तथा सराहना करनी चाहिए और हर एक आवाज पर विश्वास करना जरूरी है. आप यह नहीं कह सकते कि कोई सबूत नहीं है. ऐसा कहना असंतोषजनक, पुरुषवादी सोच और बेवकूफी होगी. जब कोई महिला सामने आकर अपने दिल की बात कहती है, तो वह सही है और आप उस पर विश्वास करते हैं.’

करण ने कहा कि ‘मी टू’ अभियान के बाद जवाबदेही की एक बड़ी भावना स्थापित हुई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >