IFFI में ‘काला” को छोड़, ‘टाइगर जिंदा है” के चयन का कारण समझ से परे : पा रंजीत

पणजी : फिल्म ‘काला’ ने भले ही सिनेमा में काले और सफेद रंग के प्रतीक को फिर से परिभाषित किया हो या उन्हें एक नये आयाम में प्रस्तुत किया हो लेकिन फिल्म के निर्देशक पा रंजीत भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के भारतीय पैनोरमा खंड में ‘काला’ का चयन न किये जाने से आश्चर्यचकित हैं. […]

पणजी : फिल्म ‘काला’ ने भले ही सिनेमा में काले और सफेद रंग के प्रतीक को फिर से परिभाषित किया हो या उन्हें एक नये आयाम में प्रस्तुत किया हो लेकिन फिल्म के निर्देशक पा रंजीत भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के भारतीय पैनोरमा खंड में ‘काला’ का चयन न किये जाने से आश्चर्यचकित हैं. दलितों के संघर्ष की कहानी के जरिये राजनीतिक संदेश देने के लिए इस फिल्म को समीक्षाओं में ‘‘ब्लैक पैंथर” की संज्ञा दी गई.

रजनीकांत अभिनीत इस फिल्म को आईएफएफआई के भारतीय पैनोरमा खंड के लिए न चुने जाने पर निर्देशक रंजीत ने कहा कि उनके लिए यह समझना बहुत मुश्किल है कि ‘टाइगर जिंदा है’ को चुना गया और ‘काला’ को नहीं.

उन्होंने फिल्म समारोह से इतर कहा, ‘टाइगर जिंदा है’ को आलोचकों तक ने नहीं सराहा लेकिन ‘‘काला’ को उनकी सराहना मिली. इसलिए मुझे लगता है कि मुझे और संघर्ष करना होगा.’ ‘‘काला’ में अहम भूमिका निभाने वाले अभिनेता रजनीकांत अपने प्रोडक्शन की फिल्म ‘पेरियेरूम पेरूमल बीए बीएल’ के प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि वह अपने प्रोडक्शन का इस्तेमाल देश में गहरी जड़ जमाए ‘जातिगत विभाजन’ के मुद्दे पर ध्यानाकर्षित करने के लिए करेंगे.

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