फिल्म डॉन के पीछे की कहानी, कई कलाकारों ने फिल्म करने से कर दिया था इनकार

मुंबई : बॉलीवुड और अमिताभ बच्चन की बेहद कामयाब फिल्मों में से एक ‘‘ डॉन ‘ को रिलीज हुये करीब 40 साल हो गए लेकिन यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि अमिताभ और जीनत अमान के इस फिल्म को साइन करने से पहले कई कलाकारों ने इसमें काम करने से इनकार कर दिया […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुंबई : बॉलीवुड और अमिताभ बच्चन की बेहद कामयाब फिल्मों में से एक ‘‘ डॉन ‘ को रिलीज हुये करीब 40 साल हो गए लेकिन यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि अमिताभ और जीनत अमान के इस फिल्म को साइन करने से पहले कई कलाकारों ने इसमें काम करने से इनकार कर दिया था. अमिताभ , जीनत और फिल्म के निर्देशक चंद्रा बरोट ने अपने एक दोस्त को कर्ज से उबारने के लिये इस ‘‘ मुश्किल ‘ प्रोजेक्ट को स्वीकार किया.

अमिताभ बच्चन की दोहरी भूमिका वाली ‘‘ डॉन ‘ 12 मई 1978 को रिलीज हुई और अपने शानदार संगीत , डॉयलॉग और धड़कनें थाम देने वाले एक्शन की वजह से ब्लॉकबस्टर साबित हुई. साक्षात्कार में चंद्रा ने ‘‘ डॉन ‘ से जुड़ी कई बेहद दिलचस्प बातें साझा कीं और बताया कि कैसे एक बार उन्होंने सही तरीके से एक दृश्य फिल्माने के लिये अमिताभ बच्चन को 40 पान खिलाए. चंद्रा काफी समय तक अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार के सहायक निर्देशक रहे. उनकी फिल्म ‘‘ रोटी कपड़ा और मकान ‘ की शूटिंग के दौरान अमिताभ और जीनत से उनकी दोस्ती हो गई . इसी दौरान उनकी फिल्म के सिनेमेटोग्राफर नरीमन ईरानी से भी दोस्ती हो गई.
जिसे वो प्यार से ‘‘ बावा ‘ कहते थे. ईरानी ने 1972 में सुनील दत्त और वहीदा रहमान के साथ ‘‘ जिंदगी जिंदगी ‘ बनाई लेकिन फिल्म पिट गई और उन पर काफी उधार हो गया. उन्होंने कहा कि हमनें बावा को कर्ज से उबारने के लिये फिल्म बनाने का फैसला किया. हमारे पास लेकिन कोई स्क्रिप्ट नहीं थी. चंद्रा ने कहा कि जब हम सलीम खान से मिले तो उन्होंने कहा कि उनके पास अभी कोई स्क्रिप्ट तैयार नहीं है. लेकिन एक विषय है जिसे कोई समझता नहीं है. 70 के दशक में हमारे यहां ‘ ठाकुर ‘ होते थे और किसे ने ‘ डॉन ‘ शब्द नहीं सुना था. चंद्रा याद करते हुये कहते हैं , ‘‘ धर्मेंद्र , जितेंद्र और देव आनंद ने फिल्म से इनकार कर दिया था.
लेकिन हमनें कहा कि हमें परवाह नहीं है और हम पोस्टर पर सलीम – जावेद लिखा देखना चाहते हैं. यह एक तैयार स्क्रिप्ट थी और हमनें इसे फौरन ले लिया. इसका कोई शीर्षक भी नहीं था. इंडस्ट्री में हर कोई इसे ‘ डॉन वाली स्क्रिप्ट ‘ कहता था. ‘ फिल्म के गाने ‘ ये मेरा दिल प्यार का दीवाना ‘, ‘ खइके पान बनारस वाला ‘ बेहद लोकप्रिय साबित हुये तो फिल्म के संवाद और एक्शन दृश्य भी लोगों की यादों में अब तक ताजा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >