Khesari Lal Yadav: भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव आज लाखों-करोड़ों दिलों पर राज करते हैं. उनकी फिल्में और गाने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा जाते हैं. लेकिन सफलता की इस ऊंचाई तक पहुंचने से पहले उन्होंने संघर्ष के ऐसे दिन भी देखे, जिन्हें याद कर आज भी भावुक हो जाते हैं. हाल ही में एक बातचीत के दौरान खेसारी ने अपने करियर और निजी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए.
लिट्टी-चोखा बेचते हुए गाए थे एल्बम
खेसारी लाल यादव ने बताया कि सफलता पाने से पहले वह दिल्ली में लिट्टी-चोखा बेचकर अपना और परिवार का गुजारा करते थे. इसी दौरान उन्होंने संगीत के क्षेत्र में पहचान बनाने की कोशिश शुरू की. उन्होंने शुरुआती दौर में दो म्यूजिक एल्बम रिकॉर्ड किए, लेकिन दोनों को दर्शकों का खास रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसके बाद तीसरा एल्बम आया, जिसने उन्हें थोड़ी पहचान दिलाई, लेकिन वह बड़ी सफलता से अभी भी दूर थे.
पिता ने संघर्ष में दिया साथ
अभिनेता ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि उनके पिता दिन में चना बेचते थे और रात में चौकीदारी का काम करते थे. परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उन्होंने भी कम उम्र में कई छोटे-मोटे काम किए. दूध बेचने से लेकर अन्य कामों तक, खेसारी ने हर मुश्किल का सामना किया और अपने सपनों को जिंदा रखा.
बेटी के जन्म के बाद बदली जिंदगी
खेसारी के अनुसार, उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी बेटी कृति का जन्म हुआ. उसी समय उन्होंने देवर-भाभी की कहानी पर आधारित एक म्यूजिक एल्बम में महिला किरदार का रूप धारण कर प्रस्तुति दी. यह गाना दर्शकों को इतना पसंद आया कि देखते ही देखते वह सुपरहिट बन गया. इसके बाद खेसारी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
आज भी बेटी को मानते हैं लकी चार्म
खेसारी लाल यादव अपनी बेटी कृति को अपना लकी चार्म मानते हैं. उनका मानना है कि बेटी के जन्म के बाद ही उनके जीवन में सफलता ने दस्तक दी. आज कृति भी मनोरंजन जगत से जुड़ चुकी हैं. वहीं खेसारी लगातार फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज के जरिए अपने फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं और उनकी आने वाली परियोजनाओं का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है.
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