anup soni :एक्टर ने कहा महाभारत और रामायण की कहानियां लगातार कही जानी चाहिए

कर्ण का किरदार बहुत दिलचस्प है इसलिए इसे परदे पर भी निभाने की मेरी ख्वाहिश है. मैं बताना चाहूंगा कि धुरंधर फिल्म से पहले निर्देशक आदित्य धर अश्वत्थामा पर फिल्म बना रहे थे. उस फिल्म में मैं युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाला था लेकिन वह फिल्म रुक गयी. देखते हैं फिर से वह प्रोजेक्ट शुरू होता है या नहीं.

anup soni :अभिनेता अनूप सोनी सोनी लिव की एनिमेटेड सीरीज "द लीजेंड ऑफ कर्ण "में कर्ण की आवाज बनें हैं. कर्ण के किरदार ,उससे जुड़ाव और करियर पर उर्मिला कोरी से हुई बातचीत

कर्ण के किरदार से मिली सबसे अहम सीख क्या रही है ?

एक्टर कभी किसी किरदार से अटैच महसूस नहीं करता है . ये कह सकता हूँ कि मैं कर्ण के बारे में पहले से काफ़ी कुछ जानता था लेकिन उस सीरीज से जुड़ने के बाद मुझे कर्ण से जुड़े दूसरे पहलुओं के बारे में भी जाना.जहां तक किरदार से सीखने की बात है तो तो कर्ण के किरदार से जुड़ा कॉन्फ्लिक्ट को डील करने का तरीका मुझे पसंद है. हम सभी की जिंदगी में कॉन्फ्लिक्ट होते हैं. जिस तरह से कर्ण ने उनसे डील किया वह। कमाल का है

एक्टर जब बिना विज़ुअल के ऑडियो प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए दर्शकों तक पहुँचता है? क्या वह ज्यादा मुश्किल होता है?

दोनों ही माध्यम की अपनी अपनी चुनौतियां होती हैं. हाँ एक्टिंग ऑडियो के जरिये ज्यादा मुश्किल होती है क्योंकि आपको बंद कमरे में अकेले वॉइस रिकॉर्ड करनी पड़ती है. जबकि एक्टिंग करते हुए आपके सामने एक्टर मौजूद होता है, जिससे आपको क्यू मिलता है आखिरकार एक्टिंग रिएक्शन का नाम है.जो एनिमेटेड सीरीज में आवाज देते हुए आपको बिलकुल नहीं मिलता है.

महाभारत का आपका सबसे पसंदीदा पात्र कौन है ?

मेरा सबसे पसंदीदा किरदार गंधारी का रहा है. उन्होंने धृतराष्ट्र से शादी के बाद अपनी आँखों पर पट्टी बाँध ली थी क्योंकि उनके पति देख नहीं सकते थे. उनका खुद पर कितना स्ट्रॉन्ग बिलीव रहा होगा.वह बहुत खास है.उनकी यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद है.

महाभारत और रामायण का कोई ऐसा किरदार जिसके व्यक्तित्व को आप परदे पर जीवंत करना चाहेंगे ?

कर्ण की आवाज बनने के बाद मैं परदे पर उसे ही निभाना चाहूंगा लेकिन मैं बताना चाहूंगा कि धुरंधर से पहले निर्देशक आदित्य धर अश्वत्थामा पर फिल्म बना रहे थे. उस फिल्म में मैं युधिष्ठिर की भूमिका निभाने वाला था लेकिन वह फिल्म रुक गयी. देखते हैं फिर से वह प्रोजेक्ट शुरू होता है या नहीं.

रामायण और महाभारत को लेकर कुछ लोगों की सोच ऐसी भी है कि ये मनोरंजन के लिए नहीं है इसलिए मेकर्स को अब इनपर प्रोजेक्ट्स बनाने से बचना चाहिए.इस तरह की सोच पर आपकी क्या राय है ?

मैं इस सोच को नहीं मानता हूँ. रामायण और महाभारत हर पीढ़ी के लिए बनते रहना चाहिए क्योंकि उनके हर किरदार आपको बहुत कुछ सीखाते हैं.राम से आप अपने माता पिता के लिए समर्पण सीखते है. कर्ण के किरदार से आप सीखते हैं कि लॉयल्टी बहुत महत्वपूर्ण है. अपने दोस्त का साथ देने के लिए उन्होंने अपने भाइयों को भी छोड़ दिया था.

एक वक़्त क्राइम पेट्रोल की वजह से आप टाइपकास्ट हो गए थे क्या मेकर्स का नज़रिया अब बदल गया है ,जिस तरह के ऑफर्स आपको मिल रहे हैं उनसे कितने संतुष्ट हैं ?

बदला है. आने वाले जो मेरे प्रोजेक्ट्स हैं उनसे ये बात साबित हो जायेगी लेकिन हाँ मैंने लम्बा इन्तजार किया. बहुत धैर्य रखा. यह सभी के साथ होता था. क्राइम पेट्रोल इतना पॉपुलर होगा. किसी ने नहीं सोचा था. मैंने भी नहीं सोचा था.उस शो के बाद मेकर्स को लगता था कि मेरी उस इमेज के आगे किरदार कमजोर परदे पर नज़र आएगा इसलिए मुझे प्रोजेक्ट्स ऑफर नहीं हुए. एक्टर्स को कई बार इससे गुजरना पड़ता है. ऋषि कपूर साहब भी इससे जूझे थे. उन्होंने पूरी जिंदगी लवर बॉय की इमेज ही जी. उन्हें आखिर में अलग अलग किरदार करने का मौक़ा मिला था.शुक्र है कि मुझे उतना लंबा इन्तजार नहीं करना पड़ा.


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By Urmila Kori

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