#MeToo: बोले बप्‍पी लाहिड़ी - वर्षो बाद उत्‍पीड़न के बारे में बोलना, इसका कोई मतलब नहीं

मुंबई : गायक-गीतकार बप्पी लाहिड़ी का कहना है कि वह ‘मी टू’ अभियान के बारे में पूरी तरह से नहीं जानते लेकिन उन्हें लगता है कि महिलाओं को अपनी उत्पीड़न की कहानियां तुरंत उसी वक्त बतानी चाहिये. बप्पी ने कहा कि वह किसी को भी बदनाम करने की कोशिश नहीं कर रहे लेकिन जब कोई […]

मुंबई : गायक-गीतकार बप्पी लाहिड़ी का कहना है कि वह ‘मी टू’ अभियान के बारे में पूरी तरह से नहीं जानते लेकिन उन्हें लगता है कि महिलाओं को अपनी उत्पीड़न की कहानियां तुरंत उसी वक्त बतानी चाहिये. बप्पी ने कहा कि वह किसी को भी बदनाम करने की कोशिश नहीं कर रहे लेकिन जब कोई व्यक्ति वर्षों बाद अपने साथ हुए उत्पीड़न के बारे में बोलता है तो उसका कोई मतलब नहीं रह जाता. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यहां कुछ मामलों के बारे में सुना और पढ़ा. जो पुराने मामले अब सामने आ रहे है मेरी राय में, आपने तब क्यों नहीं बोला जब वह हुआ?

उन्‍होंने कहा, आपने कोई शिकायत, प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई.’ उन्होंने कहा, ‘जो खबरें अब सामने आ रही है, काश वे पहले सामने आती. आज हम फिल्म का संगीत लॉन्च कर रहे हैं तो दस साल बाद इसके बारे में बात करने का तुक नहीं है.’

बप्पी ‘‘मौसम इकरार के दो पल प्यार के” के संगीत के लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे. गायक ने कहा कि वह तब से ‘मी टू’ अभियान के बारे में पढ़ रहे हैं जब उसने हॉलीवुड को हिला दिया था और उनका मानना है कि किसी को भी सबूत के साथ बोलना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘भारत में महिलाओं मां, पत्नियां, बहनें, बेटियां का सबसे ज्यादा सम्मान किया जाता है. मैं अमेरिका में भी रहता हूं और मैं कह सकता हूं कि हमारी संस्कृति वाकई अच्छी है. मैं बहुत ज्यादा नहीं बोल रहा क्योंकि मुझे सभी जानकारियों के बारे में नहीं पता. अगर आपके पास सबूत नहीं है तो यह गलत है. ये सभी इंडस्ट्री के बड़े लोग हैं.’

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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