UGC New Guidelines 2026: देशभर की यूनिवर्सिटी और कॉलेज के लिए UGC ने नए नियम लागू किए हैं. यूजीसी ने प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशन एक्ट 2026 (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) लागू किया है. इसके तहत समान अधिकार की बात की गई है. लेकिन इस मामले को लेकर सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध चल रहा है. अलग-अलग फील्ड के लोग इस नियम पर अपना स्टैंड बता रहे हैं. फेमस टीचर और यूपीएससी का मौक इंटरव्यू लेने वाले विजेंद्र चौहान (Vijender Chauhan) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
विजेंद्र चौहान ने कहा बताया यूजीसी नियम का महत्व
उन्होंने यूजीसी को लेकर कहा कि यह नियम भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने और भेदभाव को रोकने के लिए बनाए गए हैं. लेकिन लोग इनका विरोध कर रहे हैं. हालांकि ऐसे नियम किसी न किसी रूप में 2012 से मौजूद हैं, Equal Opportunity Cells पहले से यूनिवर्सिटी में मौजूद थे.
सिस्टम के भीतर जातिगत भेदभाव की ओर किया इशारा
उन्होंने कहा कि यूजीसी के आंकड़ों से पता चलता है कि शिकायतों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. ये इस बात की ओर इशारा करता है कि सिस्टम के भीतर जाति और अन्य पहचानों के आधार पर छात्रों और कर्मचारियों को भेदभाव का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए मजबूत जांच समितियां बेहद जरूरी हैं. ऐसे वर्ग के पास अधिकारों की रक्षा करने के लिए सामाजिक ताकत नहीं होती.
UGC New Guidelines 2026: क्या कहते हैं यूजीसी के नियम?
- 15 जनवरी 2026 से UGC का नया Promotion of Equity Regulation पूरे देश में लागू.
- SC, ST के साथ अब OBC को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया.
- हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में बनेगी Equity Committee / Equity Squad.
- समिति में होंगे OBC, महिला, SC, ST और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधि.
- Equity Squad का मकसद, कैंपस में भेदभाव की शिकायतों की जांच और रोकथाम.
- समिति को हर महीने रिपोर्ट बनाकर UGC को भेजना अनिवार्य.
- संस्थानों पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी.
- छात्रों और स्टाफ के अधिकारों की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती.
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